Gaya Ji: ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए), गयाजी में शनिवार को 29वीं पासिंग आउट परेड का आयोजन किया गया। सैन्य अनुशासन, जोश और गौरव से भरे इस समारोह में शॉर्ट सर्विस कमीशन, टेक्निकल एंट्री के चौथे बैच के 253 ऑफिसर कैडेट्स ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूरा किया। इसके साथ ही सभी कैडेट्स भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कमीशन हो गए।
पास आउट होने वाले कैडेट्स में 218 पुरुष और 35 महिला अधिकारी शामिल हैं। परेड के दौरान कैडेट्स ने अनुशासन, साहस, नेतृत्व क्षमता और सैन्य कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। कैडेट्स के कदमताल और सैन्य परंपराओं ने समारोह में मौजूद लोगों में देशभक्ति और गर्व की भावना भर दी।
इस अवसर पर वियतनाम पीपुल्स आर्मी के जनरल स्टाफ के उप प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग समीक्षा अधिकारी के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने पासिंग आउट परेड का निरीक्षण किया और प्रशिक्षण पूरा करने वाले युवा अधिकारियों के प्रदर्शन की सराहना की।
समारोह में दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राजेश पुष्कर और ओटीए गयाजी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल संदीप सिंह समेत कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
परेड के दौरान ओटीए के सिम्फनी बैंड ने देशभक्ति की धुनों और सैन्य मार्च की शानदार प्रस्तुतियां दीं। बैंड की धुनों के बीच कैडेट्स की कदमताल ने पूरे परिसर में उत्साह और गौरव का माहौल बना दिया।
रिव्यूइंग ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल ले वान हुआंग ने युवा सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए बदलते दौर के साथ खुद को लगातार तैयार रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक युद्धक्षेत्र तेजी से बदल रहा है। ऐसे में सैन्य अधिकारियों के लिए नई तकनीकों की जानकारी हासिल करने के साथ-साथ अपने ज्ञान को लगातार अपडेट करना जरूरी है।
उन्होंने युवा अधिकारियों से उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने और परिस्थितियों के अनुसार तेजी से निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया। साथ ही भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और मूल मूल्यों को कायम रखते हुए आधुनिक सोच के साथ आगे बढ़ने की बात कही।
उन्होंने कहा कि एक सक्षम सैन्य नेता के लिए परंपरा और आधुनिक तकनीक के बीच संतुलन बेहद जरूरी है। शांति हो या युद्ध, दोनों परिस्थितियों में प्रभावी कमान के लिए अधिकारियों को बदलती परिस्थितियों के अनुरूप खुद को ढालना होगा।
253 नए अधिकारियों के भारतीय सेना में शामिल होने के साथ ही ओटीए गयाजी के सैन्य इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया। पासिंग आउट परेड ने इन युवा अधिकारियों के प्रशिक्षण से सैन्य सेवा की जिम्मेदारी तक पहुंचने की यात्रा को यादगार बना दिया।


