Bihar News : बिहार के गया शहर में कोटक महिंद्रा बैंक की जीबी रोड स्थित शाखा से कथित तौर पर 3.80 करोड़ रुपये के वाहन लोन घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक की आंतरिक जांच में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का खुलासा होने के बाद बैंक अधिकारियों सहित कुल 28 लोगों के खिलाफ सिविल लाइंस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
कोटक महिंद्रा बैंक के सहायक प्रबंधक कुमार दीपेश की शिकायत के अनुसार, आरोपितों ने कथित रूप से जाली, मनगढ़ंत और परिवर्तित दस्तावेजों के आधार पर वाहन लोन हासिल किया। बैंक द्वारा किए गए आंतरिक ऑडिट और विभिन्न लोन खातों के सत्यापन के दौरान कई गंभीर विसंगतियां सामने आईं। जांच में इंजन नंबर, चेसिस नंबर, वाहन स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों और फाइनेंस रिकॉर्ड में गड़बड़ियां पाई गईं।
शिकायत में बैंक के आरएएसए सेल्स डिविजन के रिलेशनशिप मैनेजर वारिस आजम और टीम सेल्स मैनेजर रोहित राज को भी नामजद किया गया है। बैंक का आरोप है कि वाहन लोन स्वीकृति प्रक्रिया के दौरान उनकी भूमिका भी संदिग्ध रही है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।
एफआईआर में गया शहर, आसपास के क्षेत्रों तथा पटना जिले के कुल 28 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें विभिन्न इलाकों के कई पुरुष और महिलाएं शामिल हैं, जिन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से वाहन लोन प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद जांच तेज कर दी है। पुलिस अब सभी संबंधित दस्तावेजों की सत्यता, वाहन स्वामित्व, बैंक रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की विस्तृत पड़ताल करेगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कथित फर्जीवाड़े में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, जिन लोगों को नामजद किया गया है, उनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, लेकिन जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक किसी को दोषी नहीं माना जा सकता।


