.पहली बार राफेल लड़ाकू विमान ने अपना दम दिखाया
नई दिल्ली।
दिल्ली में 72 में गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर परेड निकाली गई , जहां तीनों सेनाओं ने अत्याधुनिक हथियारों का प्रदर्शन कर भारत की ताकत प्रदर्शित की। पहली बार राफेल लड़ाकू विमान ने अपना दम दिखाया। राजपथ पर राज्यों और विभिन्न विभागों की झांकियों के जरिए देश की संस्कृति और विकास मॉडल की झलक दिखाई गई। गणतंत्र दिवस की परेड के पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उनके साथ रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुख भी मौजूद रहे। इसके बाद पीएम मोदी राजपथ पर पहुंचे। थोड़ी देर बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का काफिला वहां पहुंचा और उन्होंने तिरंगा फहराया। फिर मार्चिंग दस्तों के गुजरने का सिलसिला बंगलादेश की सशस्त्र सेनाओं के 122 सैनिकों का मार्चिंग दस्ता से हुई।
राजपथ पर सेना की 861 मिसाइल रेजिमेंट की ब्रह्मोस मिसाइल स्वायत प्रणाली लांचर ने अपनी ताकत दिखाई। सबसे पहले युद्धक टैंक टी-90 भीष्म ने अपना जलवा बिखेरा। झांकी में तेजस ,स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर, सुखोई -30 ने करतब दिखाए। इस दौरान तीनों सेनाओं की झांकी भी निकाली गई। परेड का समापन सबसे रोमांचित करने वाले वायु सेना के फ्लाईपास्ट से हुआ तो हर किसी की नजरें आसमान की ओर टिक गई। फ्लाईपास्ट की शुरुआत रुद्र फॉरमेशन से हुई। इस फॉरमेशन की कमान विंग कमांडर मुकुल ख्ररे और स्क्वाड्रन लीडर राठौर ने संभाली । इसके बाद एमआई-35 हेलीकॉप्टर के साथ चार अपाचे हेलीकॉप्टर ने आसमान में विक्ट्री फॉरमेशन दिखाई। सुदर्शन फॉरमेशन में एक चिनूक और दो एमआई-17 हेलीकॉप्टर शामिल हुए। इसके बाद गरुड़ फॉरमेशन में परिवहन विमान सी-17 और दो सुखोई -30 के साथ mig-29 की जोड़ी शामिल हुई। पांचवें फॉरमेशन एकलव्य में एक राफेल, दो जगुआर और दो मिग-29 शामिल हुए। त्रिनेत्र फॉरमेशन में तीन सुखोई-30 विमानों ने आसमान में त्रिशूल बनाया। फ्लाईपास्ट का समापन पर फाइटर जेट राफेल ने आसमान में अपनी वर्टिकल चार्ली पैतरेंबाजी दिखाई।

