Babulal Marandi : झारखंड में नगर निकाय चुनाव से पहले सियासी माहौल तेज होता दिख रहा है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने चुनाव केंद्रीय सुरक्षा बलों की निगरानी में कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 23 फरवरी को राज्य के 48 नगर निकाय क्षेत्रों में मतदान होना है, लेकिन अब तक मतदान केंद्रों पर केंद्रीय बलों की तैनाती और सीसीटीवी लगाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। मरांडी का कहना है कि वर्तमान हालात में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा बल जरूरी हैं।
बैलेट चुनाव पर उठे सवाल, बूथ कैप्चरिंग का खतरा
मरांडी ने कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव में ईवीएम होने के बावजूद मतदान केंद्र, स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते रहे हैं। लेकिन इस बार निकाय चुनाव बैलेट पेपर से कराए जा रहे हैं, जिससे बड़े पैमाने पर बूथ कैप्चरिंग और फर्जी मतदान की आशंका बढ़ सकती है। उन्होंने दावा किया कि राज्य पुलिस प्रशासन पर जनता का भरोसा कम हुआ है और ऐसे में निष्पक्ष चुनाव कराना चुनौती बन सकता है।
सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन की सरकार शुरू से निकाय चुनाव कराने के पक्ष में नहीं थी। न्यायालय के निर्देश और विपक्ष के दबाव के बाद सरकार चुनाव कराने को मजबूर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि बैलेट से चुनाव कराकर सत्ता पक्ष प्रशासनिक तंत्र के जरिए चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर सकता है।
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निष्पक्ष चुनाव को लेकर बीजेपी का रुख
मरांडी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव चाहती है। पार्टी लगातार निर्वाचन आयोग से मांग कर रही है कि झारखंड के सभी बूथ, स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए जाएं और हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं ताकि मतदाता बिना किसी डर के मतदान कर सकें।

