PM Narendra Modi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (6 फरवरी) को परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के तहत देशभर के छात्रों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ गेमिंग जैसे विषयों पर भी खुलकर बात की और इसे केवल मनोरंजन तक सीमित न रखने की सलाह दी। पीएम मोदी ने कहा कि आज के दौर में गेमिंग सिर्फ टाइम पास का जरिया नहीं रह गया है, बल्कि अगर सही दिशा में अपनाया जाए तो यह एक महत्वपूर्ण कौशल और संभावित करियर विकल्प भी बन सकता है।
गेमिंग सिर्फ मनोरंजन नहीं, एक अवसर भी
प्रधानमंत्री ने छात्रों को भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से प्रेरित गेम विकसित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारत के पास कहानियों और कथाओं का अपार खजाना है, जिन पर आधारित गेम न सिर्फ रोचक होंगे बल्कि परिवार और समाज से भी जुड़ाव बढ़ाएंगे। पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि पंचतंत्र, हनुमान जी की कथाएं या अभिमन्यु की चक्रव्यूह से निकलने की कहानी जैसे विषयों पर गेम बनाए जा सकते हैं। इससे छात्रों में रचनात्मक सोच और नए विचारों का विकास होगा।
https://x.com/JioHotstar/status/2019454860077437113?s=20
भारतीय संस्कृति पर आधारित गेम बनाने की सलाह
पीएम मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि सस्ता डेटा होने का मतलब यह नहीं है कि दिनभर केवल मस्ती के लिए गेमिंग की जाए। उन्होंने छात्रों को संतुलन बनाए रखने की सलाह दी और कहा कि ध्यान, नैतिक मूल्यों और अनुशासन के साथ अपनाई गई गेमिंग आत्म-विकास का अच्छा माध्यम बन सकती है। गेमिंग से गति, रणनीति, सोचने की क्षमता और निर्णय लेने की शक्ति विकसित होती है।
Read More : बैंक से हुई निकासी से खुला नवादा में मेडिकल प्रैक्टिशनर हत्याकांड का राज: तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार
सिर्फ टाइम पास के लिए गेमिंग से बचने की चेतावनी
इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े गेम्स को लेकर सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि देश में ऑनलाइन जुए के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और छात्रों को ऐसे किसी भी गेम से दूर रहना चाहिए, जिनमें बेटिंग या जुए का तत्व शामिल हो। पीएम मोदी ने छात्रों से बेहतर गुणवत्ता वाले गेम चुनने और उसमें विशेषज्ञता विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि सही दिशा में मेहनत की जाए तो गेमिंग भविष्य में एक सकारात्मक और सुरक्षित करियर का रास्ता बन सकती है।

