East Champaran News:- भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए नशीली दवाओं और प्रतिबंधित इंजेक्शनों की तस्करी का बड़ा भंडाफोड़ किया है। इस दौरान तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि तस्करी में प्रयुक्त एक ऑटो रिक्शा को भी जब्त किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएसबी 71वीं बटालियन के खुफिया तंत्र को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर भारत से नेपाल की ओर साइकोट्रोपिक ड्रग्स और प्रतिबंधित दवाओं व इंजेक्शनों की तस्करी करने वाले हैं। इस सूचना को तत्काल डीसी ऑप्स 71वीं बटालियन, घोड़ासहन थाना और झरौखर थाना पुलिस के साथ साझा किया गया।
सूचना के आधार पर 71वीं बटालियन के निर्देश पर ए कंपनी अठमोहान और झरौखर थाना पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया। इस दौरान भारत की सीमा के अंदर सैनिक रोड पर बीपी नंबर 359/02 से करीब 300 मीटर दूर अठमोहान गांव के पास एक संदिग्ध ऑटो रिक्शा (बजाज मैक्सिमा, रजिस्ट्रेशन नंबर BR05PB 8587) को रोका गया।
ऑटो रिक्शा की तलाशी लेने पर उसमें रखे दो कार्टन से भारी मात्रा में साइकोट्रोपिक और प्रतिबंधित इंजेक्शन बरामद किए गए। मामले की पुष्टि के लिए मोतिहारी के ड्रग इंस्पेक्टर से दूरभाष पर संपर्क किया गया, जिन्होंने बताया कि बरामद इंजेक्शन नशीली और प्रतिबंधित श्रेणी में आते हैं।
गिरफ्तार तस्करों की पहचान पूर्वी चंपारण जिले के अप्पू कुमार (26), अनीश कुमार (23) और मंतोष कुमार (29) के रूप में की गई है। बरामद दवाओं में 2000 पीस डायजेपाम इंजेक्शन, 1925 पीस बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन और 1990 पीस फेनेगन इंजेक्शन शामिल हैं।
इस संयुक्त छापेमारी दल में एसएसबी निरीक्षक नरेश लम्बा, झरौखर थाना प्रभारी असलम अंसारी सहित एसएसबी के जवान और पुलिस बल शामिल थे। बरामद सभी नशीली दवाओं और ऑटो रिक्शा को जब्त कर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए झरौखर थाना को सौंप दिया गया है।

