Araia News:- अररिया जिले में साइबर थाना पुलिस ने फिंगरप्रिंट क्लोनिंग के जरिए बैंक खातों से अवैध निकासी करने वाले एक शातिर साइबर ठग को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह गिरोह सरकारी योजनाओं के दस्तावेजों से अंगूठे का निशान निकालकर उसका रबर क्लोन तैयार करता था और फिर आधार आधारित बैंकिंग सिस्टम का दुरुपयोग कर खातों को खाली कर देता था।
पुलिस कार्रवाई के दौरान गिरोह के चार अन्य सदस्य मौके से फरार हो गए, जबकि एक आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान महलगांव थाना क्षेत्र के उदा जनताहाट, वार्ड संख्या सात निवासी 35 वर्षीय मो. मुख्तार, पिता मो. ग्यास के रूप में हुई है।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 120 पीस रबर के फिंगरप्रिंट क्लोन, चार मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। इस बात की जानकारी साइबर डीएसपी रजिया सुल्ताना ने गुरुवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
उन्होंने बताया कि 31 दिसंबर को दिवा गश्ती के दौरान सूचना मिली थी कि हसनैन के घर से साइबर ठगी का संगठित गिरोह सक्रिय है। सूचना के आधार पर साइबर डीएसपी के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर राजू कुमार सिंह की अगुवाई में एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो देखा कि पांच युवक जमीन पर चादर बिछाकर मोबाइल और लैपटॉप के जरिए ठगी का काम कर रहे थे और सभी के हाथों में रबर से बने फिंगरप्रिंट क्लोन थे।
पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे। इस दौरान चार लोग पुलिसकर्मियों को धक्का देकर फरार हो गए, जबकि मो. मुख्तार को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि इस गिरोह का नेटवर्क तेलंगाना, दिल्ली, महाराष्ट्र सहित कई अन्य राज्यों तक फैला हुआ है। विभिन्न राज्यों में मौजूद सदस्य सरकारी योजनाओं के ऑनलाइन अपलोड दस्तावेजों से फिंगरप्रिंट डाउनलोड कर क्लोन तैयार करते हैं और उसके जरिए बैंक खातों से अवैध निकासी करते हैं।
इस मामले में साइबर थाना कांड संख्या 40/25 दिनांक 31.12.25 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की धारा 66(सी) व 66(डी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
फरार आरोपियों में इजराइल, हसनैन उर्फ अबु साले, आदिल और तबरेज के नाम शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

