Chaibasa News:- राजखरसावां–महली मरुप रेलखंड पर शुक्रवार की रात रेलवे ट्रैकमैनों की सतर्कता के कारण एक बड़ा रेल हादसा टल गया। ठंडे मौसम की पेट्रोलिंग ड्यूटी पर तैनात ट्रैकमैन बन बिहारी महतो और हरियल हेम्ब्रम ने रात करीब 02:10 बजे डाउन लाइन पर पटरी में टूट-फूट (वेल्ड फेल्योर) का पता लगाया।
पटरी में खामी की गंभीरता को समझते हुए दोनों कर्मचारियों ने तुरंत रेलवे सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए ट्रैक को सुरक्षित किया और उसी समय आ रही मालगाड़ी को दुर्घटनास्थल से पहले रोक दिया। उनकी त्वरित कार्रवाई से संभावित गंभीर रेल हादसे से न केवल यात्रियों और माल की सुरक्षा बनी रही, बल्कि रेल परिचालन को भी गंभीर नुकसान से बचाया गया।
इस साहसिक और जिम्मेदार काम के लिए दक्षिण-पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया ने मंगलवार को डीआरएम कार्यालय में दोनों ट्रैकमैनों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। डीआरएम ने कहा कि ऐसे सतर्क और समर्पित कर्मचारियों की वजह से ही रेलवे यातायात सुरक्षित बना रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार ठंड के मौसम में रेलवे पटरियों में दरार और टूट-फूट की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए नियमित निरीक्षण और गश्त बेहद जरूरी है। बन बिहारी महतो और हरियल हेम्ब्रम ने यह साबित कर दिया कि ट्रैकमैन रेलवे सुरक्षा की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनकी सतर्कता न केवल रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान है।
रेलवे प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए और अधिक सख्त निरीक्षण और समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, ताकि रेल संचालन में सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

