Dhanbad News:- झारखंड में कोयला कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह तड़के एक साथ बड़ी कार्रवाई की। ईडी की टीम ने रांची, धनबाद, दुमका सहित कुल 18 ठिकानों पर छापेमारी की, जिनमें चर्चित कोयला कारोबारी लाल बाबू सिंह, संजय खेमका और अनिल गोयल के ठिकाने शामिल हैं।
अधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान ईडी ने लगभग दो करोड़ रुपये नकद और 120 से अधिक जमीन के दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही निवेश और लेन-देन से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी एजेंसी को मिले हैं। दुमका के अमर मंडल के ठिकानों से जमीन से जुड़े सौदों का पूरा रिकॉर्ड बरामद हुआ है। वहीं धनबाद के व्यापारी अनिल गोयल के घर से ईडी को बिजनेस ट्रांजैक्शन का डिजिटल डेटा और मोबाइल में महत्वपूर्ण विवरण मिला है।
सबसे चर्चित मामला लाल बाबू सिंह का रहा, जिनके आवास में ईडी की टीम को प्रवेश करने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। आरोप है कि छापेमारी की भनक लगते ही उन्होंने अपने पालतू कुत्तों को छोड़ दिया और इस बीच डिजिटल डाटा डिलीट कर सबूत मिटाने की कोशिश की।
ईडी ने 2019 में लाल बाबू सिंह और उनकी कंपनी एम/एस देवप्रभा प्राइवेट के खिलाफ ईसीआईआर दर्ज किया था। उन पर बीसीसीएल से मिले 452 करोड़ रुपये के काम में कोयले की हेराफेरी कर कंपनी को लगभग 13 करोड़ का नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यह मामला सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुआ था।
जांच में सामने आया है कि संबंधित व्यापारियों ने परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों के नाम पर कई कंपनियां बनाकर मुनाफे और काली कमाई को छिपाया। लाल बाबू सिंह के अलावा संजय खेमका की कंपनियां बीसीसीएल, सीसीएल और एनसीएल में सक्रिय हैं। वहीं अनिल गोयल ने भी सात कंपनियों के जरिए कोयला व्यवसाय और परिवहन कार्य में अपना नेटवर्क फैला रखा है।
सूत्रों के अनुसार, कोलकाता में भी इसी कार्रवाई से जुड़े 24 ठिकानों पर रेड की गई, जहां से लगभग 8 करोड़ रुपये नकद और भारी मात्रा में जेवरात बरामद किए गए हैं।
ईडी की यह कार्रवाई आगे और विस्तार ले सकती है तथा कई बड़े नाम इसके दायरे में आ सकते हैं।

