Ranchi News:- झारखंड में जेपीएससी द्वारा आयोजित फूड सेफ्टी ऑफिसर (एफएसओ) और चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (सीडीपीओ) परीक्षाओं के परिणाम अब तक घोषित नहीं किए जाने को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस देरी पर गहरी नाराजगी जताई है।
मरांडी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि इन दोनों परीक्षाओं को आयोजित हुए लगभग दो वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन परिणाम अभी भी घोषित नहीं किए गए हैं। उन्होंने लिखा कि हजारों अभ्यर्थी लगातार रिजल्ट जारी करने की मांग कर रहे हैं, परंतु सरकार इस मुद्दे पर सुनने को तैयार नहीं दिख रही है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि झामुमो कोटे से जेपीएससी में शामिल कुछ सदस्यों ने नियुक्ति प्रक्रिया में धांधली की प्रवृत्ति को बढ़ावा दिया है, जिसके चलते आयोग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। बाबूलाल ने कहा कि परिणाम लंबित रहने से न केवल युवाओं का कीमती समय बर्बाद हो रहा है, बल्कि उनके भविष्य को लेकर अनिश्चितता भी बढ़ती जा रही है।
मरांडी ने आगे कहा कि सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में गंभीर नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि युवाओं के भविष्य से समझौता न किया जाए और दोनों परीक्षाओं के परिणाम जल्द से जल्द जारी किए जाएँ।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जेपीएससी जैसी संवैधानिक संस्था की कार्यप्रणाली पर बार-बार सवाल उठते रहेंगे, तो अभ्यर्थियों का भरोसा टूट जाएगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर सीधा असर पड़ेगा।
इधर, अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से लगातार रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं और कई बार ज्ञापन भी सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। परीक्षार्थियों ने उम्मीद जताई है कि सरकार इस मामले पर शीघ्र निर्णय लेगी, जिससे उनका कैरियर आगे बढ़ सके।

