Patna News:- बिहार में राजनीतिक हलचल के बीच सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की आखिरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में कुल तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के तुरंत बाद नीतीश कुमार ने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया।
इस्तीफा स्वीकार करते हुए राज्यपाल ने नीतीश कुमार से अनुरोध किया है कि नई सरकार के गठन तक वे कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते रहें। इस्तीफे से पहले हुई कैबिनेट की बैठक में मंत्रीमंडल को भंग करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।
बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने मीडिया को बताया कि कैबिनेट में तीन प्रस्ताव पास हुए। पहले प्रस्ताव में 19 नवंबर से वर्तमान विधानसभा को भंग करने की सिफारिश की गई। दूसरे प्रस्ताव में बिहार के पदाधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा पूर्ण कार्यकाल में दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद प्रकट किया गया। वहीं तीसरे प्रस्ताव में हालिया विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को मिले भारी बहुमत के लिए मुख्यमंत्री को बधाई और आभार व्यक्त किया गया।
सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार 20 नवंबर को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकते हैं। उनके साथ करीब 31 मंत्रियों के भी पद और गोपनीयता की शपथ लेने की संभावना जताई जा रही है। शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व शामिल हो सकते हैं। संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।
नीतीश कुमार के इस्तीफे और नई सरकार गठन की तैयारियों के साथ बिहार की राजनीति में एक बार फिर नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।

