Patna News– बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की जीत के बाद राज्य की राजनीति में तेज़ी से बदलाव दिखने लगे हैं। चुनाव परिणाम घोषित होते ही सहयोगी दलों के नेताओं की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकातों का सिलसिला शुरू हो गया है, जिससे सरकार गठन से पहले राजनीतिक चर्चाएँ और तेज हो गई हैं।
इसी क्रम में राष्ट्रीय लोक मंच (आरएलएम) के प्रमुख और पूर्व केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा ने शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि यह मुलाकात एनडीए गठबंधन की एकजुटता और भविष्य की रणनीति को मजबूत करने के उद्देश्य से हुई है।
उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मंच ने इस चुनाव में 6 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 4 पर जीत दर्ज कर उन्होंने राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत वापसी दर्ज की है। पिछले चुनावों की तुलना में यह प्रदर्शन पार्टी और कुशवाहा दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नीतीश कुमार और कुशवाहा की बातचीत को आने वाली एनडीए सरकार के एजेंडे, विभागों के बंटवारे और साझा कार्यक्रम की रूपरेखा से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार गठबंधन के अंदर समन्वय बढ़ाने और स्थिर सरकार सुनिश्चित करने को लेकर भी चर्चा की गई।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात नई सरकार के गठन से पहले गठबंधन के सहयोगियों के बीच विश्वास बहाली और शक्ति-संतुलन तय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले दिनों में एनडीए की और भी बैठकों की संभावना है, जिनमें सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की नीतियों पर मंथन किया जाएगा।
बिहार की नई राजनीतिक दिशा इन बैठकों में होने वाले निर्णयों पर काफी हद तक निर्भर करेगी।

