Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने गंभीर आरोप लगाए हैं। एक वीडियो संदेश जारी कर उन्होंने कहा कि पहले चरण के नतीजों के बाद एनडीए खेमे में मायूसी पायी जा रही है और सत्ता बचाने के लिए अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है।
तेजस्वी ने आरोप लगाया कि गृह मंत्री फोन पर अधिकारियों को धमका रहे हैं और जहां वे ठहरते हैं उन तमाम होटलों के सीसीटीवी बंद कराकर देर रात अधिकारियों को बुलाया जा रहा है। उनका कहना है कि कुछ अधिकारियों को बिना सीएम की जानकारी के फोन करके निर्देश दिए जा रहे हैं कि महागठबंधन के समर्थकों को मतदान तक पुलिस द्वारा रोका या डिटेन किया जाए तथा महागठबंधन के मजबूत बूथों को व्यवधान पहुँचाया जाए।
उन्होंने बताया कि ऐसे निर्देशों के स्क्रीनशॉट और फोन रिकॉर्ड उनके पास पहुँच रहे हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि अधिकारियों पर दबाव बन रहा है। तेजस्वी ने ईमानदार अफसरों से अपील करते हुए कहा कि वे रिटायर्ड अधिकारियों या बाहरी दबाव में न आएँ और संविधान के अनुरूप अपना कर्तव्य पूरी निष्पक्षता से निभाएँ।
नेता प्रतिपक्ष ने साथ ही यह भी दावा किया कि कुछ बाहरी तत्व—जिन्हें उन्होंने ‘दो गुजराती’ करार दिया—बिहार पर कब्जा करना चाहते हैं और राज्य को अपने उपनिवेश जैसा बनाना चाह रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार की जनता ऐसे किसी भी संवैधानिक विरोधी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगी और वोट चोरी तथा लोकतंत्र की लूट रुकवाने के लिए जागरूक है।
तेजस्वी के इन आरोपों के बाद राजनीति में गर्माहट बनी हुई है। महागठबंधन के नेता अधिकारियों के दबाव के खिलाफ सजगता बरतने की अपील कर रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है। चुनावी माहौल में ये आरोप मतदाताओं और दलों के बीच संवेदनशीलता बढ़ा सकते हैं। प्रशासन और पुलिस पर भी निगाहें टिकी हुई हैं कि वे किस तरह से निष्पक्षता और कानूनी प्रक्रिया बनाए रखते हैं।

