Patna News:- लोक आस्था के महापर्व छठ की भव्य तैयारियां पूरे बिहार में जोरों पर हैं। राजधानी पटना सहित राज्य के सभी जिलों में घाटों को साफ-सुथरा और आकर्षक रूप से सजाया गया है। श्रद्धालु आज शाम अस्ताचलगामी सूर्य को पहला अर्घ्य देंगे, जबकि मंगलवार की सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर चार दिवसीय पर्व का समापन करेंगे।
इस वर्ष छठ पूजा ‘पूर्वाषाढ़ा’ और ‘उत्तराषाढ़ा’ नक्षत्रों में संपन्न हो रही है, जिसे अत्यंत शुभ माना गया है। पंडित जलभर झा ने बताया कि डूबते सूर्य को सूर्यास्त से आधा घंटा पहले और उदयमान सूर्य के लाल होने के बाद अर्घ्य देना अत्यंत शुभ फलदायक होता है।
पटना में 78 प्रमुख घाटों पर व्रतियों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की है। 35 प्रमुख गंगा घाटों पर 187 ब्लूटूथ कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा सके। इसके अलावा, पूरे पटना जिले में 550 घाटों पर छठ व्रत मनाए जा रहे हैं, जिनमें 444 पारंपरिक संगतियां सक्रिय हैं।
पूरे बिहार में प्रशासन ने चौकसी बढ़ा दी है। भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता और चिकित्सा सुविधाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग ने टीमों को तैनात किया है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मेडिकल रिसर्च और फिजीशियन टीमों की नियुक्ति की गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
रविवार को छठ व्रत के दूसरे दिन ‘खरना’ पूजा पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। व्रतियों ने परंपरागत रूप से केले के पत्ते पर अरवा चावल, गुड़ की खीर, दूध, रोटी और केला का प्रसाद ग्रहण किया। इसके साथ ही 36 घंटे के निर्जला उपवास की शुरुआत हुई, जो मंगलवार की सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के बाद समाप्त होगा।
राजधानी पटना सहित पूरे बिहार में छठ का माहौल श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से सराबोर है।

