-
उच्च न्यायालय ने माना अवमानना मामला, निर्वाचन आयोग को जारी नोटिस
-
तीन सप्ताह में अनुशंसा भेजने का आदेश, 10 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
Ranchi News: झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य में नगर निगम और नगर निकायों के चुनाव अब तक नहीं कराने पर नाराजगी जताई है। अदालत ने इस मुद्दे को अवमानना का मामला करार देते हुए निर्वाचन आयोग को नोटिस जारी किया है और जल्द चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई मंगलवार को न्यायमूर्ति आनंदा सेन की अदालत में हुई। अदालत के आदेश पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार और अपर सचिव ज्ञानेंद्र कुमार स्वयं उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार से सख्त लहजे में पूछा कि आखिर नगर निकायों के चुनाव अब तक क्यों नहीं कराए गए? अदालत ने कहा कि ओबीसी आरक्षण के ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया का बहाना बनाकर चुनाव रोकना उचित नहीं है।
राज्य के महाधिवक्ता राजीव रंजन ने अदालत को बताया कि ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और इसकी रिपोर्ट राज्य कैबिनेट को भेजी जा चुकी है। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद चुनाव कराने की अनुशंसा राज्य निर्वाचन आयोग को भेज दी जाएगी। अदालत ने सरकार को यह अनुशंसा भेजने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है।
वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता सुमित गाड़ोदिया ने चुनाव की तैयारी के लिए तीन माह का समय मांगा, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया। न्यायालय ने आयोग को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई (10 नवंबर) तक वह स्पष्ट बताए कि वह कितनी जल्दी नगर निगम और नगर निकायों के चुनाव करा सकता है। अदालत ने अगली सुनवाई में भी मुख्य सचिव, गृह सचिव और नगर विकास सचिव की उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।
यह याचिका रांची नगर निगम की निवर्तमान पार्षद रोशनी खलखो और रीना कुमारी ने दायर की थी। उन्होंने अदालत से निवेदन किया था कि नगर निकाय चुनाव कराने के पूर्व आदेश का पालन कराया जाए। गौरतलब है कि झारखंड में वर्ष 2020 से अब तक 12 शहरी निकायों में चुनाव नहीं हुए हैं। अधिकांश नगर निगम बिना निर्वाचित प्रतिनिधियों के चल रहे हैं। अदालत ने इसे संवैधानिक ब्रेकडाउन करार दिया था और तत्काल चुनाव की जरूरत बताई थी।

