Ranchi News:- भारतीय डाक विभाग की 171 वर्षों पुरानी और ऐतिहासिक रजिस्ट्री पत्र सेवा अब अतीत बन चुकी है। 30 सितम्बर 2025 को इस सेवा का अंतिम दिन रहा और अब 1 अक्टूबर से इसके स्थान पर स्पीड पोस्ट के जरिए ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध होगी। वरिष्ठ प्रधान डाकपाल, रांची जी.पी.ओ. दीवाकर प्रसाद ने बताया कि रजिस्ट्री पोस्ट भारतीय डाक के गौरवशाली इतिहास का अहम अध्याय रहा है। लेकिन बदलते दौर में इसकी जगह अब स्पीड पोस्ट सेवा ने ले ली है, जो और तेज, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
इस बदलाव को ऐतिहासिक बनाने के लिए 30 सितम्बर को “लास्ट डे रजिस्टर्ड लेटर” जारी किया गया, जिसे देशभर के फिलेटलिस्टों और डाक प्रेमियों ने संग्रहणीय धरोहर के रूप में संजोया। फिलेटली ब्यूरो प्रभारी संदीप कुमार महतो ने बताया कि यह पत्र आने वाली पीढ़ियों को इस सेवा की याद दिलाता रहेगा।
डाक विभाग ने नई व्यवस्था के साथ दरों में भी संशोधन किया है। अब 50 ग्राम तक के स्थानीय दस्तावेज़ पर जीएसटी सहित 22.42 रुपये शुल्क लगेगा। दूरी के आधार पर शुल्क को 200, 500, 1000 और 2000 किलोमीटर से अधिक की श्रेणियों में बांटा गया है। इससे लोगों को दस्तावेज़ और पार्सल भेजने में ज्यादा पारदर्शिता और सरलता मिलेगी।
गौरतलब है कि वर्ष 1854 में शुरू हुई रजिस्ट्री पत्र सेवा ने करोड़ों नागरिकों के बीच सुरक्षित और विश्वसनीय संचार का माध्यम बनकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। सरकारी और कानूनी दस्तावेजों से लेकर व्यक्तिगत पत्राचार तक, इस सेवा ने देश की संचार व्यवस्था को मजबूत आधार दिया।
नई स्पीड पोस्ट सेवा के तहत ग्राहकों को कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिनमें ओटीपी आधारित डिलीवरी, प्रूफ ऑफ डिलीवरी (POD), बीमा और क्षतिपूर्ति शामिल हैं। साथ ही, पहले से तेज और सुरक्षित ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा भी मिलेगी, जिससे ग्राहकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
इस बदलाव को डाक विभाग ने लोगों से अपनाने की अपील की है और भरोसा जताया है कि नई प्रणाली नागरिकों को और ज्यादा सुविधा और विश्वास दिलाएगी।

