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रिम्स में सुधार अभियान तेज, मरीजों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
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रिम्स शासी परिषद बैठक में 16 एजेंडों पर हुई समीक्षा
Ranchi News: राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि अब सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई होगी, जो ड्यूटी के दौरान अस्पताल से बाहर निजी प्रैक्टिस करते हैं। मंत्री ने कहा कि ऐसे डॉक्टरों की पहचान कर उन पर विभाग सख्त कदम उठाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकारी अस्पताल के मरीजों की उपेक्षा कर निजी क्लीनिकों में इलाज करना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शनिवार को रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) सभागार में शासी परिषद की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने यह बातें कहीं। बैठक में कुल 16 अहम एजेंडों पर चर्चा और समीक्षा हुई। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के मार्गदर्शन में रिम्स को देश के बेहतरीन स्वास्थ्य संस्थानों की श्रेणी में लाने की दिशा में लगातार प्रयास जारी है। इसके लिए हर स्तर पर सुधार और आधुनिक सुविधाओं को बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने निर्देश दिया कि रिम्स प्रबंधन तत्काल एमआरआई मशीन की खरीद पूरी करे। साथ ही ट्रॉमा सेंटर में खराब पड़े वेंटीलेटरों को जल्द मरम्मत कराए या नए लगाए जाएं। अस्पताल की साफ-सफाई और बिल्डिंग की मरम्मत पर भी मंत्री ने विशेष ध्यान देने को कहा।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने भी अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि लिए गए निर्णयों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही ठोस बदलाव मरीजों को दिखाई देंगे।
रिम्स निदेशक ने बैठक को सकारात्मक और परिणामदायक बताया। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अस्पताल की व्यवस्था में बड़ा सुधार दिखेगा। बैठक में न्यायमूर्ति अमरेश्वर सहाय, रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, विधायक सुरेश कुमार बैठा, रांची विश्वविद्यालय के कुलपति, रिनपास निदेशक, वित्त विभाग के प्रधान सचिव और कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। अगली शासी परिषद बैठक नौ अक्टूबर को होगी जिसमें शेष प्रस्तावों पर चर्चा होगी।

