Araria News:- नेपाल में लगातार जारी हिंसक प्रदर्शनों और जेल तोड़ घटनाओं के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। बड़ी संख्या में फरार कैदी भारत में घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारतीय सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और स्थानीय पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया और वापस नेपाल सेना के हवाले कर दिया। सुरक्षा कारणों से भारत-नेपाल सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, नेपाल में ‘जेन जी’ आंदोलनकारियों ने काठमांडू, विराटनगर, बीरगंज, राजविराज, पोखरा और कई जिलों की जेलों पर हमला किया। इस दौरान काठमांडू की नक्खू जेल को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि सुनसरी जिले की झुमका जेल और सप्तरी जिला जेल से हजारों कैदी फरार हो गए। जेलर सुवास लामिछाने ने पुष्टि की कि झुमका जेल से 1098 कैदियों में से अधिकांश भाग निकले और कई अपने साथ हथियार भी ले गए।
जोगबनी सीमा के नजदीक भीड़ ने विराटनगर जेल तोड़ने की कोशिश की, लेकिन नेपाल सेना ने मोर्चा संभालते हुए उसे विफल कर दिया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों के दबाव में सुरक्षाकर्मी कई जेलों से पीछे हटे, जिससे कैदियों को भागने का मौका मिल गया।
सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) और भारतीय पुलिस ने सीमा पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। दर्जनों कैदियों को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करते समय पकड़ा गया और नेपाली अधिकारियों को सौंप दिया गया। अररिया के डीएम अनिल कुमार, एसपी अंजनी कुमार और एसएसबी 56वीं बटालियन के कमांडेंट शाश्वत कुमार खुद सीमा पर कैंप कर हालात की निगरानी कर रहे हैं।
नेपाल सेना प्रमुख जनरल अशोक राज सिगडेल ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है कि राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना देशद्रोह माना जाएगा। नेपाल में हालात बेकाबू होने के चलते बुधवार को विराटनगर समेत कई इलाकों में कर्फ्यू जारी रहा।
भारत की ओर से सीमा पर अतिरिक्त एसएसबी जवान तैनात कर दिए गए हैं और संदिग्धों की गहन जांच की जा रही है। अब किसी भी नेपाली नागरिक को भारतीय क्षेत्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

