Araria News:- भारत-नेपाल सीमा से लगे अररिया जिले में गांजा तस्करी का धंधा दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। तस्कर अब पुलिस की पकड़ से बचने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि अब इस काले कारोबार में स्कूली बच्चों तक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी कड़ी में नरपतगंज थाना पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए बीस किलो गांजा के साथ एक तस्कर और 14 वर्षीय किशोरी को हिरासत में लिया।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि अररिया से दिल्ली जा रही सुपर हमसफर बस में भारी मात्रा में गांजा भेजा जा रहा है। सूचना के आधार पर बस स्टैंड पर छापेमारी की गई। जांच के दौरान एक स्कूली बैग से बीस किलो गांजा बरामद किया गया। यह बैग 14 वर्षीय किशोरी के पास था, जो तस्कर के साथ यात्रा कर रही थी।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान गाजियाबाद दीपक विहार खोड़ा कॉलोनी, सेक्टर-58 निवासी मो. साबेज पिता अब्दुल रहमान के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने किशोरी को अपनी भांजी बताया। हालांकि जांच में पता चला कि लगभग एक सप्ताह पहले ही किशोरी को मुरादाबाद से अररिया लाया गया था। वहां से दोनों दिल्ली के शाहीन बाग जाने के लिए निकले थे।
नरपतगंज थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना पर की गई कार्रवाई में 20 किलो गांजा जब्त किया गया है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत कांड दर्ज कर लिया गया है। गिरफ्तार तस्कर मो. साबेज को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में अररिया मंडल कारा भेज दिया गया है। वहीं नाबालिग किशोरी को पूर्णिया रिमांड होम भेजा गया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, तस्कर बड़े पैमाने पर नाबालिग बच्चों को इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे आसानी से पुलिस की नजरों से बच सकें। लेकिन हालिया कार्रवाई ने इस गिरोह की रणनीति को उजागर कर दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क के पीछे काम कर रहे बड़े गिरोह की तलाश में जुट गई है।

