Ranchi News:- झारखंड की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने विधानसभा में बताया कि पंचायतों को 15वें वित्त आयोग की राशि सितंबर के पहले सप्ताह में मिल सकती है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के तहत केंद्र सरकार पर करीब 1700 करोड़ रुपये का बकाया है। राशि मिलते ही पंचायतों को यह धनराशि उपलब्ध करा दी जाएगी ताकि उनके विकास कार्य प्रभावित न हों।
मंत्री ने यह जानकारी गुरुवार को मानसून सत्र के दौरान ध्यानाकर्षण सूचना पर पूछे गए सवाल के जवाब में दी। सवाल पूछने वाले विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि वित्त आयोग का पैसा पंचायतों को समय पर न मिलने से पंचायत स्तर पर विकास योजनाएं बाधित हो रही हैं। इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया कि जैसे ही केंद्र से राशि प्राप्त होगी, तुरंत पंचायतों को वितरित कर दी जाएगी।
इसी दौरान सदन में पांकी विधायक कुशवाहा शिवपूजन मेहता ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पलामू जिले के पांकी प्रखंड के मनातू प्रखंड में पिछले तीन वर्षों से बीडीओ का पद खाली है। वर्तमान में यहां का प्रभार सीओ को दिया गया है, लेकिन सीओ का कहना है कि लंबे अंतराल के कारण उन्हें स्थानीय कामकाज की जानकारी पर्याप्त रूप से नहीं है।
विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि पांकी प्रखंड में भी सीओ और बीडीओ का प्रभार एक ही अधिकारी के पास है और वे अक्सर दफ्तर नहीं जाते, बल्कि घर से ही फाइलों का निपटारा कर लेते हैं। इससे आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो रही है।
विधायक ने सरकार से मांग की कि पांकी और मनातू प्रखंड में जल्द से जल्द स्थायी बीडीओ और सीओ की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक कामकाज सही ढंग से संचालित हो सके।

