East Champaran News:- भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल के मैत्री पुल के पास बुधवार की देर रात एसएसबी की मानव तस्करी रोधी इकाई और एनजीओ की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया। आरोपी नाबालिग हिंदू लड़की को बुर्का पहनाकर नेपाल ले जाने की कोशिश कर रहा था। पकड़े गए युवक की पहचान पूर्वी चंपारण निवासी मोहम्मद जहांगीर आलम के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, एसएसबी की टीम ने युवक की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे रोका। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी ने सीतामढ़ी की एक नाबालिग लड़की (काल्पनिक नाम सोनी कुमारी) को सोशल मीडिया के जरिए प्रेम जाल में फंसाया था। लड़की ने बताया कि जहांगीर ने शादी का झांसा देकर कई बार उसका शारीरिक शोषण किया और 22 अगस्त को उसे घर से बहला-फुसलाकर भगा ले गया।
लड़की के अनुसार, आरोपी ने उसे चार से पांच दिनों तक बेतिया में अपने रिश्तेदार के घर में छुपाकर रखा और फिर नेपाल ले जाने की योजना बनाई। लड़की की पहचान छिपाने के लिए उसने उसे बुर्का पहनाया था। लेकिन बार-बार बुर्का संभालने की वजह से एसएसबी को शक हुआ और जांच के दौरान पूरी सच्चाई सामने आई।
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि पीड़िता के परिजनों ने 26 अगस्त को पुनौरा थाना (सीतामढ़ी) में अपहरण की प्राथमिकी संख्या 189/25 दर्ज कराई थी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में एसएसबी मानव तस्करी रोधी इकाई के प्रभारी विकास कुमार, हवलदार अरविंद द्विवेदी, महिला सिपाही नीतू कुमारी, प्रियंका नायक, कामनी कुमारी एवं कविता शामिल थीं। इसके अलावा प्रयास जुवेनाइल एड सेंटर की जिला परियोजना समन्वयक आरती कुमारी, राज गुप्ता और स्वच्छ रक्सौल संस्था के रणजीत सिंह भी सक्रिय रहे।
पूरे मामले में आरोपी जहांगीर आलम को गिरफ्तार कर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। वहीं, रेस्क्यू टीम ने काउंसलिंग के बाद पीड़िता को सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

