Nawada News:- बिहार के नवादा जिले में अंधविश्वास के कारण दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। हिसुआ थाना क्षेत्र के पांचू गढ़ मुसहरी में बुधवार को मोहल्ले के लोगों ने 70 वर्षीय गया मांझी और उनकी पत्नी को डायन बताकर क्रूरता से मारपीट की। इस हिंसक घटना में पति की मौत हो गई जबकि पत्नी गंभीर रूप से घायल है।
जानकारी के अनुसार, मोहल्ले में मोहन मांझी के घर एक कार्यक्रम चल रहा था। अचानक डीजे बंद हो गया, जिसके बाद लोगों ने आरोप लगाया कि गया मांझी और उनकी पत्नी ने “मंत्र पढ़कर डीजे बंद कराया”। इस आरोप के बाद भीड़ ने दोनों को पकड़ लिया। पहले उनका सिर मुंडाया गया, फिर चुना लगाया, पेशाब पिलाया गया और जूते-चप्पल की माला पहनाकर पूरे मोहल्ले में घुमाया गया। इसके बाद लाठी-डंडों से बेरहमी से पिटाई की गई।
गंभीर चोटों के कारण गया मांझी की मौत हो गई। वहीं, उनकी पत्नी की हालत नाजुक है और उसे हिसुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि भीड़ पत्नी को जिंदा जलाने की तैयारी कर रही थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने हस्तक्षेप किया और महिला की जान बचाई।
एसपी अभिनव धीमान ने बताया कि घटना में शामिल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। अन्य दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ ने क्रूरता की सभी हदें पार कर दीं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद डायल-112 की पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं कर सकी। मौके पर पहुंचकर पुलिस ने भीड़ देखकर स्थानीय थाना को बिना सूचना दिए लौट गई, जिससे हालात और बिगड़ गए।
इस वारदात ने एक बार फिर बिहार में अंधविश्वास और मॉब लिंचिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानून व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की भूमिका पर गंभीर आरोप लग रहे हैं।

