East Champaran News:- पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान जिले में हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मारे गए मोतिहारी जिले के 11 तीर्थयात्रियों के शव शनिवार देर रात उनके गांव पहुंच गए। सात एंबुलेंस के जरिए शवों को गांव लाया गया। शव पहुंचते ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया और मृतकों के परिवार समेत ग्रामीणों में मातमी सन्नाटा छा गया।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के दिन से ही गांव में चूल्हे नहीं जले थे और सभी को शव आने का इंतजार था। अब रविवार को इन सभी का अंतिम संस्कार उनके परिजनों की मौजूदगी में किया जाएगा।
गौरतलब है कि रक्षाबंधन के दिन जिले के 45 से अधिक लोग देवघर दर्शन के लिए निकले थे। इनमें चिरैया और लालबेगिया गांव के 34 लोग तथा मोतिहारी अरेराज और पहाड़पुर के 11 लोग शामिल थे। दर्शन के बाद सभी तीर्थयात्री गंगासागर से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बस बर्धमान जिले के एनएच-19 पर खड़ी एक ट्रक से टकरा गई। इस भीषण हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल हो गए।
घायलों का इलाज फिलहाल बर्धमान मेडिकल कॉलेज में चल रहा है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी लोग पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले थे। इनमें चिरैया प्रखंड के 6, मोतिहारी सदर अंचल के 4 और पहाड़पुर प्रखंड का 1 व्यक्ति शामिल है।
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार सभी मृतकों के पार्थिव शरीर को पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से मोतिहारी लाया गया है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अंतिम संस्कार की पूरी व्यवस्था में परिजनों की मदद कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि मृतकों के परिजनों को प्रत्येक 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह अनुदान राशि दी जाएगी। प्रशासन द्वारा पहचान और सत्यापन के बाद यह राशि शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।

