Ranchi News:- झारखंड में आगामी नगर निकाय चुनाव को ध्यान में रखते हुए ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आरक्षण के लिए आवश्यक ट्रिपल टेस्ट प्रक्रिया की समीक्षा तेज हो गई है। इसी क्रम में झारखंड राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम गुरुवार को जमशेदपुर पहुंची। आयोग के अध्यक्ष जानकी प्रसाद यादव के नेतृत्व में टीम ने सर्किट हाउस में जिले के वरीय प्रशासनिक अधिकारियों और नगर निकाय पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक में आयोग की टीम ने नगर निकायों में ओबीसी वोटरों की वर्तमान स्थिति, संख्या और जातिगत पहचान जैसे बिंदुओं पर चर्चा की। टीम अब वार्ड स्तर पर जाकर डोर-टू-डोर सर्वे करेगी और मतदाता सूची में दर्ज नामों की जातीय स्थिति का आकलन करेगी। इसमें यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सूची में नाम, पिता या पति का नाम और जाति स्पष्ट रूप से दर्ज हो, जिससे संबंधित व्यक्ति को राजनीतिक आरक्षण का लाभ मिल सके।
आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी मतदाता की जाति अस्पष्ट पाई जाती है तो इससे राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बाधा आ सकती है और ट्रिपल टेस्ट अधूरा रह जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे में पारदर्शिता बरती जाए और लोगों की पहचान सुनिश्चित की जाए।
इसके साथ ही बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि ओबीसी समुदाय को जाति प्रमाण पत्र बनवाने में कोई प्रशासनिक परेशानी तो नहीं हो रही है। आयोग यह भी देख रहा है कि आउटसोर्सिंग के जरिए की जा रही सरकारी नियुक्तियों में ओबीसी वर्ग को निर्धारित आरक्षण मिल रहा है या नहीं।
जमशेदपुर के बाद आयोग की टीम सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिलों का दौरा कर नगर निकायों में ट्रिपल टेस्ट की स्थिति की समीक्षा करेगी। इस दौरे में आयोग के सदस्य नरेश वर्मा भी उपस्थित रहे।

