Ranchi News :- राज्य के स्वास्थ्य मंत्रीc ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में आयोजित इस बैठक में सभी जिलों के सिविल सर्जनों ने हिस्सा लिया। मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि सदर अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था को तुरंत सुधारा जाए। उन्होंने कहा कि मामूली बीमारियों के लिए रोगियों को रिम्स जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर करने की प्रवृत्ति अब बंद होनी चाहिए।
मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एंबुलेंस की लापरवाही या रेफरल में देरी से किसी मरीज की मौत होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित जिले के सिविल सर्जन की होगी। उन्होंने साफ कहा कि डॉक्टरों, दवाओं और एंबुलेंस की कमी का बहाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मरीजों को समय पर समुचित इलाज मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी सेवाएं शनिवार और रविवार को भी चालू रखने का निर्देश दिया, ताकि आम लोगों को हर दिन इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही, उन्होंने निजी डॉक्टरों की नियुक्ति की बात कही और उन्हें समय पर प्रोत्साहन राशि देने का आश्वासन भी दिया।
मंत्री ने जानकारी दी कि सितम्बर माह तक अनुमंडलीय अस्पतालों को, अक्टूबर तक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और सदर अस्पतालों को तथा नवम्बर तक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) को हाई-स्पीड इंटरनेट लीज लाइन और मुफ्त वाई-फाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, बड़े शहरों जैसे पटना, दिल्ली और कोलकाता से विशेषज्ञ डॉक्टरों को बुलाकर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाएंगे।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, जेएमएचआईडीपीसीएल के एमडी अबु इमरान, एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

