Koderma News;- कोडरमा रेलवे स्टेशन पर गुरुवार बाल तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। रेलवे पुलिस की सतर्कता से 14 बच्चों को दो तस्करों के साथ पकड़ा गया, जिन्हें दिल्ली ले जाया जा रहा था। यह कार्रवाई स्टेशन पर मानव और बाल तस्करी पर निगरानी के दौरान की गई।
निरीक्षक प्रभारी के नेतृत्व में उप निरीक्षक सुशील कुमार, प्रधान आरक्षी उपेन्द्र कुमार, परवेज़ खान और महिला आरक्षी नीतू कुमारी निगरानी कर रहे थे। सुबह करीब 11:05 बजे प्लेटफार्म नंबर 1 पर न्यू एफओबी के पास सभी को संदिग्ध अवस्था में बैठे देखा गया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि उन्हें दिल्ली के किसी होटल में काम करवाने ले जाया जा रहा है, पर न तो होटल का नाम बताया गया और न ही मजदूरी की कोई स्पष्ट जानकारी दी गई। कहा गया कि जैसे काम करोगे, वैसा पैसा मिलेगा।
दोनों तस्करों—संतोष मुसहर (39) और उमेश मुसहर (40)—ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे बच्चों को दिल्ली में होटल में काम पर लगवाने ले जा रहे थे। लेकिन किसी तरह की सहमति पत्र या दस्तावेज नहीं दिखा सके। सभी बच्चों का स्थायी पता गिरिडीह जिले के माल्डा (मुसहरी) गांव का पाया गया।
बच्चों के आधार कार्ड जांच में भी अनियमितता पाई गई, क्योंकि अधिकतर कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी अंकित थी, जो संदेहास्पद लगी। बच्चों ने बताया कि उनकी उम्र 18 वर्ष से कम है और आधार कार्ड में गलत जन्मतिथि दर्ज है।
मामला प्रथम दृष्टया बाल तस्करी का पाया गया। 18 वर्ष से कम उम्र के 9 बच्चों को रेलवे चाइल्ड लाइन कोडरमा को सौंपा गया, जबकि 5 अन्य को उनके परिजनों के हवाले किया गया। आरोपियों के पास से कोडरमा से दिल्ली तक की 16 सामान्य टिकटें और बच्चों के आधार कार्ड जब्त किए गए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर एएचटीयू थाना तिलैया को सौंप दिया गया है।

