नालंदा (बिहार): जिले के सरमेरा थाना क्षेत्र अंतर्गत गोवाचक गांव में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जिसमें 58 वर्षीय आंगनवाड़ी सहायिका कलवा देवी की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि हत्या के बाद उनके शव पर तेजाब डाला गया। इस जघन्य वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मृतका की पहचान स्वर्गीय बालदेव दास की पत्नी कलवा देवी के रूप में हुई है। परिजनों ने पड़ोसी विजय रविदास और उनकी पत्नी दायमुनी देवी पर हत्या का आरोप लगाया है। दायमुनी देवी स्वयं आंगनवाड़ी सेविका हैं और परिजनों का आरोप है कि वे अपनी बहू को सहायिका बनवाना चाहती थीं। इसी विवाद को लेकर मृतका पर लंबे समय से मानसिक दबाव डाला जा रहा था।
मृतका की बेटी चांदनी कुमारी ने बताया कि सोमवार शाम जब उन्होंने अपनी मां को फोन किया, तो मोबाइल स्विच ऑफ मिला। शक होने पर जब वह मंगलवार को गांव पहुंची, तो घर के अंदर मां की लाश पड़ी मिली। शव से तेज दुर्गंध आ रही थी और चेहरे पर गंभीर चोट के निशान थे। आरोप है कि मारपीट के बाद उन्हें जबरन तेजाब पिलाया गया और फिर शव को जलाने की कोशिश की गई।
सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। सरमेरा थानाध्यक्ष सकेंद्र कुमार बिंद ने बताया कि प्रारंभिक जांच में महिला की मौत मारपीट से प्रतीत हो रही है, हालांकि तेजाब डालने की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव में इस घटना को लेकर आक्रोश है और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। यह मामला ग्रामीण महिलाओं की सुरक्षा और आंगनवाड़ी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

