Nalanda News:- शहर के एक शांत मोहल्ले में ऐसा राज दबा हुआ था जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। सोहसराय थाना क्षेत्र के आशानगर मोहल्ला में पति-पत्नी अवैध रूप से गन फैक्ट्री चला रहे थे, जिसका पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में 52 तरह के हथियार निर्माण उपकरण, अधनिर्मित पिस्टल, मैगजीन, गोली, ग्राइंडर, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन समेत भारी मात्रा में असलहे बरामद किए गए हैं।
एसपी भारत सोनी ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक विश्वकर्मा अपने किराए के मकान में हथियार बना रहा है। छापेमारी में अभिषेक व उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी का ननिहाल मुंगेर में है, जिससे हथियार तस्करी के बड़े नेटवर्क का कनेक्शन जुड़ने की आशंका है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि तैयार हथियार किन गैंगों या समूहों को सप्लाई किए जाते थे।
गुप्त फैक्ट्री का खुलासा — मोहल्ले को नहीं थी भनक
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह मिनी गन फैक्ट्री पिछले 5 वर्षों से चल रही थी, लेकिन न मकान मालिक को खबर थी, न मोहल्ले के किसी व्यक्ति को शक हुआ। मकान मालिक राहुल कुमार (पिता ताराचंद) के घर के एक हिस्से में यह पूरा नेटवर्क चल रहा था।घर के एक कमरे में ही चल रही थी अवैध गन निर्माण इकाई।
छापेमारी के दौरान बरामद सामानों की सूची बेहद गंभीर और खतरनाक है:
मेड इन यूएसए लिखा हुआ पिस्टल और मैगजीन,अधनिर्मित पिस्टल बॉडी और स्लाइड,लोहे से बने भारी संख्या में पिस्टल, मैगजीन और पाइप,हैंडल, हेक्सा ब्लेड, ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, ड्रिल मशीन, फायरिंग उपकरण, कारतूस
छापेमारी टीम में शामिल अधिकारी:
डीएसपी नुरुल हक,थानाध्यक्ष राजमणि,दारोगा चंद्रशेखर कुमार, राजेश कुमार ठाकुर, अलीम अंसारी, मनीष कुमार, गौरीशंकर ठाकुर, सोनू कुमार गुप्ता, राम इकबाल यादव एवं बल के जवान
- पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि—यह हथियार किसे बेचे जा रहे थे? इसके पीछे और कौन लोग शामिल हैं? क्या मुंगेर से सप्लाई की कड़ी जुड़ी है? फॉरेंसिक जांच, आईटी सेल की मदद और इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर विस्तृत कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इस खुलासे के बाद मोहल्ले में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग हैरान हैं कि उनके आस-पास इतनी बड़ी अवैध गतिविधि हो रही थी और किसी को भनक तक नहीं लगी।

