छह महीने में पांच मौतें, अब फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
Garhwa News :- गढ़वा जिले के चिनियां थाना क्षेत्र के चिरका गांव में एक बार फिर जंगली हाथी का कहर टूटा। बीती रात करीब 11:30 बजे एक बेकाबू हाथी ने दो निर्दोष ग्रामीणों को बेरहमी से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। मृतकों की पहचान प्रमिला देवी (40 वर्ष) और सुधीर सोरेंग (35 वर्ष) के रूप में हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रमिला देवी अपने घर से कुछ दूरी पर पति से मोबाइल पर बात कर रही थीं, तभी अचानक एक हाथी वहां आ पहुंचा। वह भागने की कोशिश करती रहीं लेकिन हाथी ने उन्हें पकड़कर कुचल दिया। उधर, पास में अपने घर में सो रहे सुधीर सोरेंग जब कटहल के पेड़ की आवाज सुनकर बाहर निकले, तब हाथी ने उन पर भी हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
इस दिल दहला देने वाली घटना से गांव में मातम छा गया है। ग्रामीणों में आक्रोश इस कदर है कि सुबह से ही वे शवों के पास जमा हैं और वन विभाग की लापरवाही के खिलाफ विरोध जता रहे हैं। सुबह 9 बजे तक भी कोई वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क उठा।
स्थानीय थाना प्रभारी अमित कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं और लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
बता दें कि बीते छह महीनों में चिरका गांव में हाथियों के हमले से पांच मौतें हो चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद वन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। पहले भी ग्रामीण विरोध जता चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा है।
अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि वे शवों को नहीं उठने देंगे जब तक वरीय वन अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते। उनका सवाल है– “कब जागेगा विभाग? और कितनी जानें जाएंगी?”

