Chaibasa News:- पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में भाजपा और आदिवासी संगठनों की ओर से आहूत कोल्हान बंद का बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) और आसपास के जिलों में व्यापक असर देखने को मिला। सुबह से ही बंद समर्थक सड़कों पर उतर आए और शहर के प्रमुख बाजारों तथा मार्गों पर दुकानों को बंद कराया।
चाईबासा के मुख्य बाजार, टाटा रोड, संतुला चौक और टेंबरपोसी रोड पर सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहे। यातायात आंशिक रूप से प्रभावित रहा, जबकि कुछ बसें और निजी वाहन सड़कों से नदारद दिखे।
बंद को सफल बनाने में पूर्व मंत्री बड़कुवर गागराई, मधु कोड़ा और गीता कोड़ा सहित भाजपा के सैकड़ों कार्यकर्ता सक्रिय रहे। उन्होंने तांबो चौक, सदर बाजार, बस स्टैंड और शहीद पार्क में रैली निकालकर प्रदर्शन किया। सुबह खुले कुछ पेट्रोल पंपों और दुकानों को भी कार्यकर्ताओं ने बंद करा दिया।
चक्रधरपुर में बंद का मिला-जुला असर रहा। जहां कुछ बाजार खुले रहे, वहीं पवन चौक और मेन रोड इलाके में पूरी तरह सन्नाटा पसरा रहा। लंबी दूरी की बस सेवाएं ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सोनुवा में बंद का सबसे गहरा प्रभाव देखने को मिला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने एनएच-320डी (चक्रधरपुर–राउरकेला मार्ग) को जाम कर सड़क पर टायर जलाए और जमकर नारेबाजी की। यहां सभी दुकानें और वाहन परिचालन पूरी तरह ठप रहे। इसी तरह जगन्नाथपुर, मनोहरपुर और आनंदपुर में भी बंद का असर साफ नजर आया।
हालांकि, कहीं से हिंसा या झड़प की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
बंद की पृष्ठभूमि में मंगलवार को हुए पुलिस लाठीचार्ज की घटना है। मंत्री दीपक बिरुवा के आवास घेराव की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तांबो चौक पर रोक लिया था, जिसके बाद तनाव बढ़ गया था। इस दौरान पुलिस ने 17 लोगों को हिरासत में लिया था।
घटना के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन घायल प्रदर्शनकारियों से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें चाईबासा में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई। भाजपा और आदिवासी संगठनों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कड़ा विरोध जताया।

