Palamu News:- झारखंड की आपराधिक दुनिया में बड़ा मोड़ आया है। कुख्यात अपराधी सरगना डब्लू सिंह उर्फ गौतम सिंह, जो पिछले सात सालों से फरार था, ने रविवार की देर रात पलामू जिला मुख्यालय स्थित सदर थाना में एसपी रीष्मा रमेशन के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। सोमवार को एसपी कार्यालय में पुलिस ने डब्लू सिंह को सार्वजनिक किया। पुलिस इसे एक बड़ी सफलता मान रही है, क्योंकि डब्लू सिंह के खिलाफ कुल 37 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामले शामिल हैं।
डब्लू सिंह का आतंक सिर्फ पलामू तक सीमित नहीं था, बल्कि लातेहार, रांची और आसपास के जिलों तक फैला हुआ था। वर्ष 2014 में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लातेहार जेल भेजा था, लेकिन 2018 में जमानत पर बाहर आने के बाद से वह लगातार फरार था। फरारी के दौरान भी उसके खिलाफ चार नए केस दर्ज हुए।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह राज्य का पहला मामला है जब किसी संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना खुद पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करता है।
अपराध छोड़ मुख्यधारा से जुड़ने की बात
सरेंडर के बाद डब्लू सिंह ने मीडिया के सामने कहा –
“मैंने झारखंड सरकार और पलामू प्रशासन के विश्वास पर आत्मसमर्पण किया है। अब मैं अपने पुराने सभी गलत काम छोड़कर समाज की मुख्यधारा में रहना चाहता हूं। जो गलती मैंने की, उसका मुझे पछतावा है। न्यायालय से जो भी सजा मिलेगी, उसे मैं स्वीकार करूंगा।”
उसने अन्य अपराधियों से भी अपील की कि वे अपराध की दुनिया से बाहर निकलें और समाज के साथ जुड़कर बेहतर जीवन जिएं।
डब्लू सिंह का आत्मसमर्पण पुलिस और प्रशासन के लिए न सिर्फ बड़ी उपलब्धि है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि अपराध की राह छोड़कर सुधार की ओर बढ़ना संभव है।

