Ranchi News:
झारखंड में ई–कल्याण छात्रवृत्ति के भुगतान में लगातार तीन वर्षों से हो रही देरी के खिलाफ शनिवार को छात्रों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। आदिवासी छात्र संघ, झारखंड के नेतृत्व में हजारों छात्रों ने रांची कॉलेज मुख्य द्वार से मोरहाबादी स्थित कल्याण कॉम्प्लेक्स तक एक विशाल विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने सरकार को साफ चेतावनी दी कि यदि 48 घंटे के भीतर लंबित छात्रवृत्ति जारी करने पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
छात्रों ने बताया कि वर्ष 2022–23, 2023–24 और 2024–25 की छात्रवृत्ति अब तक जारी नहीं हुई है। इससे न केवल आर्थिक संकट बढ़ा है, बल्कि हजारों छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। कई छात्रों ने कहा कि किराए, किताबों और कॉलेज फीस का भुगतान करना मुश्किल हो गया है, जबकि सरकार लगातार चुप्पी साधे बैठी है।
डीएसपीएमयू छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि सरकार की उदासीनता ने छात्रों को आंदोलन के लिए मजबूर कर दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि “अब छात्रों का धैर्य जवाब दे चुका है। सरकार तुरंत घोषणा करे, वरना यह आंदोलन राज्यव्यापी उग्र रूप लेगा।”
आदिवासी छात्र संघ के केंद्रीय अध्यक्ष सुशील उरांव ने कहा कि स्कॉलरशिप लाखों छात्रों के भविष्य की रीढ़ है। सरकार का तीन वर्षों तक भुगतान लंबित रखना शिक्षा के अधिकार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई छात्रों के हक और सम्मान की है, और जब तक भुगतान नहीं होता, विरोध जारी रहेगा।
विरोध मार्च में ऋतिक कच्छप, अनुज उरांव, शिव उरांव, पारस उरांव, दीपक सोनू कुजूर, आदित्य उरांव, पायल बांडो, राकेश बराईक समेत विभिन्न जिलों और विश्वविद्यालयों के सैकड़ों प्रतिनिधि शामिल थे। इनमें केंद्रीय मीडिया प्रभारी सुमित उरांव, उपाध्यक्ष दीपा कच्छप, सचिव अमित टोप्पो, पलामू प्रमंडल प्रभारी अशुतोष सिंह चेरो, बोकारो जिला अध्यक्ष रविसान टुडू, धनबाद प्रभारी अभिजीत सोरेन और खूंटी के भुनेश्वर मुंडा भी मौजूद रहे। सभी ने एक ही स्वर में चेतावनी दी कि यदि लंबित भुगतान तुरंत जारी नहीं हुआ, तो आंदोलन को पूरे राज्य में फैलाया जाएगा।

