Gayaji : मोक्ष की नगरी गयाजी में शनिवार को विश्वप्रसिद्ध पितृपक्ष मेला-2025 का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चारण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। बिहार सरकार के प्रभारी मंत्री सुनील कुमार ने सहकारिता मंत्री डॉ. प्रेम कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री संजय सरावगी, पर्यटन मंत्री राजू कुमार सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में मेले का उद्धाटन किया। यह मेला 06 से 21 सितंबर तक यानी पूरे 17 दिनों तक चलेगा।
गयाजी में इस पावन अवसर पर देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु अपने पितरों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना से पहुंचेंगे। पौराणिक मान्यता है कि आश्विन माह में गयाजी में पिंडदान, श्राद्धकर्म और तर्पण करने से पितरों को मुक्ति प्राप्त होती है। यहां 54 प्रमुख वेदी स्थल हैं, जहां श्रद्धालु आस्था के साथ अनुष्ठान संपन्न करते हैं।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। 324 सेक्टर अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि विष्णुपद मंदिर के पास पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। शहर में सुबह 3 बजे से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
ठहरने की व्यवस्था के लिए 64 सरकारी स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। गांधी मैदान में 2500 लोगों के लिए टेंट सिटी बनाई गई है, जबकि 132 होटल, गेस्ट हाउस और 527 पंडा परिवारों के निजी भवन श्रद्धालुओं के लिए तैयार हैं। कुल मिलाकर 76 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के ठहरने का इंतजाम प्रशासन ने किया है।
गयाजी में लगने वाला यह पितृपक्ष मेला न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह बिहार की आस्था, संस्कृति और पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र है।

