Ranchi News:- आजसू पार्टी ने रविवार को अपने 26वें स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड में नई राजनीति और जनसरोकार के मुद्दों पर सख्त तेवर दिखाए। पार्टी प्रमुख सुदेश महतो ने झामुमो पर झारखंड आंदोलन की सौदेबाजी का आरोप लगाया और कहा कि “आजसू ने संघर्ष किया, जबकि झामुमो ने सिर्फ सत्ता की राजनीति की।”
खेलगांव स्थित हरिवंश टाना भगत स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में सुदेश ने कहा कि आजसू पार्टी वर्ष 1986 से 2000 तक संघर्ष करते हुए ही सांसद और विधायक बना। उन्होंने कहा, “हेमंत सरकार केवल जनता के अधिकारों की डकैती कर रही है। महिलाओं के नाम ‘मंईयां योजना’ से हटा दिए गए हैं। कौन देगा इसका जवाब?”
सुदेश महतो ने केंद्र द्वारा घोषित जातिगत जनगणना का स्वागत करते हुए जाति आधारित आरक्षण की भी मांग की। उन्होंने दावा किया कि झारखंड निर्माण में बंगाल और ओडिशा के लोगों का भी योगदान रहा है, लेकिन सबसे लंबा आंदोलन आजसू ने किया था, जिससे अलग राज्य संभव हुआ।
कार्यक्रम में उन्होंने आजसू कार्यकर्ताओं से हेमंत सरकार को उखाड़ फेंकने की तैयारी करने का आह्वान किया। सुदेश ने सरकार पर जमीन घोटाले, फर्जी रजिस्ट्री, और CO-थानों की मिलीभगत से असली मालिकों को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप भी लगाए।
इस मौके पर सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो सहित कई नेताओं ने सरकार पर बालू और कोयले की लूट, नियोजन नीति और विस्थापन नीति की विफलता को लेकर तीखा हमला बोला।
कार्यक्रम में अनेक युवाओं ने आजसू की सदस्यता ग्रहण की, जिनमें एबीवीपी के ऋतुराज शाहदेव के नेतृत्व में कई छात्र शामिल थे। साथ ही हजारीबाग और चतरा से भी कई लोगों ने पार्टी जॉइन की।

