Ranchi News:- झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को जोरदार हंगामा हुआ। जैसे ही दोपहर 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई, सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपनी सीट से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। दोनों तरफ से लगातार हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो को कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित करनी पड़ी। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार आदिवासियों की जमीन छीन रही है और खतियानी जमीन पर गलत तरीके से कब्जा कर रही है। उन्होंने सूर्या हांसदा एनकाउंटर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग उठाई। मरांडी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से आदिवासी समाज में असंतोष बढ़ रहा है, इसलिए पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार लोकतंत्र और न्याय की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजनावकाश के बाद मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं के साथ बैठक कर इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा होगी और समस्या का सकारात्मक समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
उधर, लगातार हंगामे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सभी विधायकों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि शून्यकाल की सभी सूचनाएं पढ़ी हुई मान ली जाएंगी और संबंधित प्रश्न संबंधित विभागों को भेज दिए जाएंगे। इसके बावजूद शोरगुल थमने का नाम नहीं ले रहा था, जिसके चलते अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करने का फैसला लेना पड़ा।
इस पूरे घटनाक्रम ने विधानसभा के मानसून सत्र की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हंगामे से न केवल सदन की कार्यवाही बाधित हो रही है बल्कि जनता से जुड़े अहम मुद्दों पर चर्चा भी प्रभावित हो रही है। अब सबकी नजरें दोपहर दो बजे शुरू होने वाली कार्यवाही पर टिकी हैं कि क्या इसमें कोई ठोस समाधान निकल पाएगा या फिर हंगामे का सिलसिला जारी रहेगा।

