Saran News:- बिहार के उप-मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी की “अपराध छोड़ो या बिहार छोड़ो” वाली सख्त चेतावनी सारण जिले में बेअसर साबित हो रही है। पिछले एक महीने में जिले में हत्या और लूट की घटनाओं में अचानक आए उछाल ने कानून-व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। हालात ऐसे हैं कि अपराधियों में पुलिस और प्रशासन का भय बिल्कुल खत्म होता दिख रहा है।
पहली वारदात: 25 वर्षीय युवक की गला रेतकर हत्या, ग्रामीणों का सड़क जाम
रिवीलगंज थाना क्षेत्र के जखुआ गांव में बुधवार सुबह सनसनी फैल गई, जब 25 वर्षीय रोहित यादव की गला रेतकर हत्या कर दी गई।
हत्या की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए तथा मुकरेरा के पास सड़क जाम कर हत्यारों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय देने की मांग करने लगे।
परिजनों का आरोप है कि हत्या के पीछे गहरी साजिश है और पुलिस जल्द कार्रवाई करे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, प्रदर्शनकारियों को कार्रवाई का भरोसा दिया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
दूसरी वारदात: घर में अकेले रह रहे 55 वर्षीय व्यक्ति की संदिग्ध मौत
दूसरी ओर, मांझी नगर पंचायत का दक्षिण टोला बुधवार सुबह दहशत में डूब गया। यहां 55 वर्षीय सूरज प्रसाद की संदिग्ध परिस्थितियों में दर्दनाक मौत हो गई। वे घर में अकेले रहते थे और उनका शव बिस्तर के नीचे क्षत-विक्षत स्थिति में मिला।
परिजन पंकज कुमार ने बताया कि मृतक के शरीर पर कई गंभीर चोट के निशान हैं, जो किसी बर्बर आपराधिक कृत्य की ओर संकेत करते हैं। यहां तक कि निजी अंगों के साथ क्रूरता किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। मांझी थाना पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
जिले में बढ़ता अपराध, पुलिस की कार्यशैली पर सवाल
सारण जिले में लगातार दो हत्याओं ने कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। गृह मंत्री के निर्देशों और चेतावनियों के बाद भी अपराधियों पर कोई अंकुश नहीं दिख रहा है।
स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि—
“अगर अपराधियों से पुलिस का डर ही खत्म हो जाए, तो आम नागरिक कहाँ जाए?”
जिले के लोगों ने गृह मंत्री सम्राट चौधरी से मांग की है कि सारण की बिगड़ती कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कड़े और प्रभावी कदम उठाए जाएं, जिससे अपराधियों का मनोबल टूटे और जनता फिर से भयमुक्त होकर जी सके।

