परिजनों ने हत्या की जताई आशंका, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
Hazaribag News:-हजारीबाग में जमीन कारोबारी की संदिग्ध मौत के बाद मंगलवार को कोर्रा चौक पर हालात तनावपूर्ण हो गए। मृतक प्रदीप प्रसाद, जो जबर्रा के निवासी थे, की रांची स्थित रिम्स अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव के साथ कोर्रा चौक को जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। उनका कहना है कि यह मौत नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश के तहत हत्या है।
क्या है मामला?
6 जुलाई की रात को किसी अज्ञात व्यक्ति ने प्रदीप प्रसाद को फोन कर घर से बाहर बुलाया था। थोड़ी ही देर बाद वे गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिले। उनका मोबाइल फोन भी घटनास्थल से गायब था। परिजनों ने उन्हें रांची के रिम्स में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान मंगलवार को उनकी मौत हो गई।
पुलिस पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का कहना है कि उन्होंने घटना की सूचना तत्काल कोर्रा थाना को दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। अब तक मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस जांच में लापरवाही और टालमटोल रवैया अपना रही है।
प्रदर्शनकारी एसपी को बुलाने की कर रहे मांग
स्थानीय लोग और परिजन कोर्रा चौक पर शव के साथ धरने पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी कह रहे हैं कि जब तक एसपी खुद घटनास्थल पर नहीं आते और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा नहीं दिलाते, वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
प्रशासन अलर्ट, भारी पुलिस बल तैनात
घटना की सूचना पर कोर्रा थाना प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे हैं और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास जारी है। लेकिन लोगों का गुस्सा कम नहीं हो रहा है। स्थिति को देखते हुए कोर्रा चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था भी ठप हो गई है।
लोगों की मांग – “हत्यारों की जल्द गिरफ्तारी हो”
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द दोषियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। साथ ही कहा कि अगर पुलिस कार्रवाई में और देरी हुई तो आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर हजारीबाग में जमीन विवाद और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

