Ranchi News : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन भोजनावकाश के बाद सदन का माहौल काफी गर्म नजर आया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक कई बार आमने-सामने दिखे। बहस के दौरान राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा, जिससे सदन का वातावरण काफी तीखा हो गया।
जेएमएम का बीजेपी पर सीधा हमला
जेएमएम विधायक हेमलाल मुर्मू ने राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव रखते हुए बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में ओबीसी को 27% आरक्षण देने का काम मौजूदा सरकार ने किया, जबकि भाजपा की सरकार ने इसे घटाकर 14% कर दिया था। उनके संबोधन के दौरान भाजपा विधायक सीपी सिंह ने तीखी टिप्पणी करते हुए तंज कसा, जिससे सदन में हलचल और बढ़ गई। चर्चा के दौरान वंदे मातरम से लेकर एसआईआर तक कई मुद्दों पर बहस हुई।
कांग्रेस ने भी साधा भाजपा पर निशाना
कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने धन्यवाद प्रस्ताव का समर्थन करते हुए भाजपा पर देश में नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल जैसे राज्यों में मंत्रिपरिषद की मुहर लगे अभिभाषण को राज्यपालों ने नहीं पढ़ा, बल्कि मुख्यमंत्री ने पढ़ा। उन्होंने ऐसे राज्यपालों को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही असम के मुख्यमंत्री के बयान की भी उन्होंने कड़ी आलोचना की।
मरांडी ने सरकार को घेरा
नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य पुलिस की भूमिका, डीजीपी नियुक्ति और जमीन अधिग्रहण के मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि बुलडोजर चलाकर जबरन जमीन ली जा रही है। धान खरीद में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने कहा कि बिचौलियों की वजह से किसान परेशान हैं और सरकार लक्ष्य हासिल नहीं कर पाएगी।
सरकार का पलटवार, शुक्रवार को फिर होगी बहस
विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने मरांडी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस बार धान की पैदावार अच्छी है और 31 मार्च तक लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। समय अभाव के कारण चर्चा पूरी नहीं हो सकी। स्पीकर रबीन्द्रनाथ महतो ने सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी। अब सभी की नजरें मुख्यमंत्री के संबोधन पर टिकी हैं।
