Close Menu
Today Post Live
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, 12 March 2026 || 01:44
    • About Us
    • Contact Us
    • Privacy Policy
    • Terms and Conditions
    • News Submit
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Today Post Live
    • होम
    • देश
    • विदेश
    • राजनीति
    • चुनाव
    • झारखंड
      • कोडरमा
      • खूंटी
      • गढ़वा
      • गिरिडीह
      • गुमला
      • गोड्डा
      • चतरा
      • चाईबासा
      • जमशेदपुर
      • जामतारा
      • दुमका
      • देवघर
      • धनबाद
      • पलामू
      • पाकुड़
      • बोकारो
      • रांची
      • रामगढ़
      • लातेहार
      • लोहरदगा
      • सराइकेला-खरसावां
      • साहेबगंज
      • सिमडेगा
      • हज़ारीबाग
    • बिहार
      • अररिया
      • अरवल
      • औरंगाबाद
      • कटिहार
      • किशनगंज
      • खगड़िया
      • गया
      • गोपालगंज
      • जमुई
      • जहांबाद
      • दरभंगा
      • नवादा
      • नालंदा
      • पटना
      • पश्चमी चंपारण
      • पुरनिया
      • पूर्वी चंपारण
      • बक्सर
      • बांका
      • बेगूसराय
      • भभुआ
      • भागलपुर
      • भोजपुर
      • मधुबनी
      • मधेपुरा
      • मुंगेर
      • मुजफ्फरपुर
      • रोहतास
      • लखीसराय
      • वैशाली
      • शिवहर
      • शेखपुरा
      • समस्तीपुर
      • सारण
      • सहरसा
      • सिवान
      • सीतामढ़ी
      • सुपौल
    • व्यापार
    • खेल
      • क्रिकेट
    • मनोरंजन
      • बॉलीवुड
      • हॉलीवुड
    • शिक्षा
    Today Post Live
    Home»Headline»Ranchi: मुख्यमंत्री रहते हुए मेरा बहुत अपमान हुआ, मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं : चंपाई साेरेन
    Headline

    Ranchi: मुख्यमंत्री रहते हुए मेरा बहुत अपमान हुआ, मेरे लिए सभी विकल्प खुले हैं : चंपाई साेरेन

    टुडे पोस्ट लाइवBy टुडे पोस्ट लाइवAugust 18, 2024No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    Share
    Facebook Twitter WhatsApp Telegram Email
    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now

    Ranchi:  राज्य में सियासी अटकलाें केे बीच पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने रविवार काे सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया हैं। उन्होंने कहा है कि आज समाचार देखने के बाद आप सभी के मन में कई सवाल उमड़ रहे होंगे। आखिर ऐसा क्या हुआ, जिसने कोल्हान के एक छोटे से गांव में रहने वाले एक गरीब किसान के बेटे को इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया?

    चंपाई ने कहा कि पिछले चार दशकों के अपने बेदाग राजनैतिक सफर में, मैं पहली बार, भीतर से टूट गया। समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं?दो दिन तक चुपचाप बैठ कर आत्म-मंथन करता रहा। पूरे घटनाक्रम में अपनी गलती तलाशता रहा। सत्ता का लोभ रत्ती भर भी नहीं था लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी इस चोट को मैं किसे दिखाता? अपनों द्वारा दिए गए दर्द को कहां जाहिर करता?

    चंपाई ने कहा कि अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत में औद्योगिक घरानों के खिलाफ मजदूरों की आवाज उठाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक मैंने हमेशा जन-सरोकार की राजनीति की है। राज्य के आदिवासियों, मूलवासियों, गरीबों, मजदूरों, छात्रों एवं पिछड़े तबके के लोगों को उनका अधिकार दिलवाने का प्रयास करता रहा हूं। किसी भी पद पर रहा या नहीं लेकिन हर पल जनता के लिए उपलब्ध रहा। उन लोगों के मुद्दे उठाता रहा, जिन्होंने झारखंड राज्य के साथ अपने बेहतर भविष्य के सपने देखे थे।

    चंपाई ने कहा कि 31 जनवरी को एक अभूतपूर्व घटनाक्रम के बाद इंडिया गठबंधन ने मुझे झारखंड के 12वें मुख्यमंत्री के तौर पर राज्य की सेवा करने के लिए चुना। अपने कार्यकाल के पहले दिन से लेकर आखिरी दिन तीन जुलाई तक मैंने पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ राज्य के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। इस दौरान हमने जनहित में कई फैसले लिए और हमेशा की तरह हर किसी के लिए सदैव उपलब्ध रहा। बड़े-बुजुर्गों, महिलाओं, युवाओं, छात्रों एवं समाज के हर तबके तथा राज्य के हर व्यक्ति को ध्यान में रखते हुए हमने जो निर्णय लिए, उसका मूल्यांकन राज्य की जनता करेगी।

    जब सत्ता मिली तब बाबा तिलका मांझी, भगवान बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे वीरों को नमन कर राज्य की सेवा करने का संकल्प लिया था। झारखंड का बच्चा-बच्चा जनता है कि अपने कार्यकाल के दौरान मैंने कभी भी किसी के साथ ना गलत किया, ना होने दिया। इसी बीच हूल दिवस के अगले दिन मुझे पता चला कि अगले दो दिनों के मेरे सभी कार्यक्रमों को पार्टी नेतृत्व द्वारा स्थगित करवा दिया गया है। इसमें एक सार्वजनिक कार्यक्रम दुमका में था जबकि दूसरा कार्यक्रम पीजीटी शिक्षकों को नियुक्ति पत्र वितरण करने का था। पूछने पर पता चला कि गठबंधन द्वारा तीन जुलाई को विधायक दल की एक बैठक बुलाई गई है तब तक आप सीएम के तौर पर किसी कार्यक्रम में नहीं जा सकते।

    उन्हाेंने कहा कि क्या लोकतंत्र में इससे अपमानजनक कुछ हो सकता है कि एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों को कोई अन्य व्यक्ति रद्द करवा दे? अपमान का यह कड़वा घूंट पीने के बावजूद मैंने कहा कि नियुक्ति पत्र वितरण सुबह है जबकि दोपहर में विधायक दल की बैठक होगी, तो वहां से होते हुए मैं उसमें शामिल हो जाऊंगा लेकिन उधर से साफ इंकार कर दिया गया।

    जब वर्षों से पार्टी के केन्द्रीय कार्यकारिणी की बैठक नहीं हो रही है और एकतरफा आदेश पारित किए जाते हैं तो फिर किस से पास जाकर अपनी तकलीफ बताता? इस पार्टी में मेरी गिनती वरिष्ठ सदस्यों में होती है। बाकी लोग जूनियर हैं और मुझ से सीनियर सुप्रीमो जो हैं, वे अब स्वास्थ्य की वजह से राजनीति में सक्रिय नहीं हैं, फिर मेरे पास क्या विकल्प था? यदि वे सक्रिय होते तो शायद अलग हालात होते। कहने को तो विधायक दल की बैठक बुलाने का अधिकार मुख्यमंत्री का होता है लेकिन मुझे बैठक का एजेंडा तक नहीं बताया गया था। बैठक के दौरान मुझ से इस्तीफा मांगा गया। मैं आश्चर्यचकित था लेकिन मुझे सत्ता का मोह नहीं था। इसलिए मैंने तुरंत इस्तीफा दे दिया लेकिन आत्म-सम्मान पर लगी चोट से दिल भावुक था।

    पिछले तीन दिनों से हो रहे अपमानजनक व्यवहार से भावुक होकर मैं आंसुओं को संभालने में लगा था लेकिन उन्हें सिर्फ कुर्सी से मतलब था। मुझे ऐसा लगा मानो उस पार्टी में मेरा कोई वजूद ही नहीं है। कोई अस्तित्व ही नहीं है, जिस पार्टी के लिए हम ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। इस बीच कई ऐसी अपमानजनक घटनाएं हुईं, जिसका जिक्र फिलहाल नहीं करना चाहता। इतने अपमान एवं तिरस्कार के बाद मैं वैकल्पिक राह तलाशने को मजबूर हो गया। मैंने भारी मन से विधायक दल की उसी बैठक में कहा कि आज से मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। इसमें मेरे पास तीन विकल्प थे। पहला, राजनीति से सन्यास लेना, दूसरा, अपना अलग संगठन खड़ा करना और तीसरा, इस राह में यदि कोई साथी मिले, तो उसके साथ आगे का सफर तय करना। उस दिन से लेकर आज तक तथा आगामी झारखंड विधानसभा चुनावों तक इस सफर में मेरे लिए सभी विकल्प खुले हुए हैं।

    एक बात और, यह मेरा निजी संघर्ष है। इसलिए इसमें पार्टी के किसी सदस्य को शामिल करने या संगठन को किसी प्रकार की क्षति पहुंचाने का मेरा कोई इरादा नहीं है। जिस पार्टी को हमने अपने खून-पसीने से सींचा है, उसका नुकसान करने के बारे में तो कभी सोच भी नहीं सकते लेकिन हालात ऐसे बना दिए गए हैं।

    WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉 Join Now
    Former Chief Minister Champai Soren Jharkhand News social media
    Share. Facebook Twitter WhatsApp Telegram Pinterest LinkedIn Tumblr Email

    Related Posts

    Ranchi News : झारखंड विधानसभा में ‘जय श्रीराम’ के नारे, डीजे जब्ती को लेकर भाजपा का हंगामा

    March 11, 2026

    Ranchi News : साइकिल से विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, बोले– ‘हेल्थ इज वेल्थ’

    March 11, 2026

    झारखंड सहित अन्य राज्यों से बिहार की सीमा में प्रवेश करने वाले बालू, पत्थर, गिट्टी, मोरम और स्टोन डस्ट से लदे वाहनों को लेना होगा ट्रांजिट पास (TP)

    March 11, 2026
    Social
    • Facebook
    • Twitter
    • Instagram
    • YouTube
    • LinkedIn
    • Pinterest
    • Telegram
    • WhatsApp

    Trending News

    Bihar News : रोमांचक हुई राज्यसभा की लड़ाई, AIMIM-RJD में हो पाएगी डील?

    IPL 2026 Schedule: आईपीएल 2026 के शेड्यूल का ऐलान,, 28 मार्च से शुरू होगा क्रिकेट का महाकुंभ

    LPG Gas Shortage : देशभर के मंदिरों में LPG गैस की किल्लत, कहीं बंद हुआ प्रसाद तो कहीं कम हुआ भोजन

    Ranchi News : झारखंड विधानसभा में ‘जय श्रीराम’ के नारे, डीजे जब्ती को लेकर भाजपा का हंगामा

    Ranchi News : साइकिल से विधानसभा पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, बोले– ‘हेल्थ इज वेल्थ’

    © 2026 TODAYPOST NEWS NETWORK. Designed by Microvalley Infotech Pvt Ltd.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.