Palamu News:- अंतरराज्यीय अफीम तस्करी मामले में पिपराटांड़ थाना प्रभारी राजवर्धन की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन ने शनिवार की रात उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मेदिनीनगर शहर थाना में कार्यरत सब इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को पिपराटांड़ का नया थाना प्रभारी बनाया गया है। पूरे मामले की जांच का जिम्मा लेस्लीगंज एसडीपीओ को सौंपा गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर और भी बड़ी कार्रवाई संभव है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को पलामू पुलिस ने आठ अंतरराज्यीय अफीम तस्करों को गिरफ्तार किया था। इनमें चार तस्कर पंजाब के निवासी हैं, जबकि चार स्थानीय, पिपराटांड़ थाना क्षेत्र से हैं। हैरानी की बात यह रही कि गिरफ्तार तस्करों में एक स्थानीय चौकीदार का बेटा भी शामिल है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 32 लाख 90 हजार 400 रुपए नकद, तीन क्विंटल 14 किलो अफीम डोडा और चार वाहन जब्त किए।
इस पूरे तस्करी रैकेट का खुलासा एक चौंकाने वाले कॉल से हुआ। पंजाब के दो तस्करों हरमीत सिंह और सतबीर सिंह की बहन ने एसपी को फोन कर बताया कि उनके भाई झारखंड घूमने गए थे और अब उनका अपहरण हो गया है। फिरौती में 7.50 लाख रुपए पहले ही दिए जा चुके हैं। एसपी की स्पेशल टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तस्करी और अपहरण का पूरा भंडाफोड़ कर दिया।
पता चला कि ये तस्कर घूमने के बहाने तितलंगी गांव अफीम खरीदने पहुंचे थे, जहां डब्लू यादव के बेटों ने उन्हें बंधक बना लिया और 10 लाख की फिरौती मांगी गई। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी थाना को पहले से थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध मानी गई और निलंबन की कार्रवाई की गई।

