Patna News:- बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण का मतदान आज सुबह 7 बजे से शुरू हो गया। ठंडी हवा और सुबह की रौनक के बीच लोग लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर हो रहे मतदान में कुल 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण को बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि कई दिग्गज नेताओं की साख और उनके राजनीतिक गढ़ की परीक्षा इसमें शामिल है।
नीतीश कुमार पर सबसे बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए यह चरण प्रतिष्ठा का सवाल है। उनके प्रभाव वाले जिले—नालंदा, नवादा, गया और शेखपुरा—आज मतदान के केंद्र में हैं। जनता उनकी सात निश्चय योजना, बिजली, सड़क और विकास कार्यों का मूल्यांकन कर रही है। नीतीश ने मतदान से पूर्व लोगों से अपील की कि बिहार के विकास की गति को रोकने न दें।
तेजस्वी यादव की नजर युवाओं पर
राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस चुनाव में बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी नौकरियों को मुख्य मुद्दा बनाया। राघोपुर और आसपास के इलाकों में युवाओं और बेरोजगारों से उन्हें बड़ी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि इस बार वोट जाति नहीं, रोजगार के नाम पर पड़ेगा।
भाजपा की रणनीति और अमित शाह की नजर
भाजपा के लिए यह चरण संगठन की ताकत जांचने का समय है। अमित शाह भोजपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर जैसे अपने मजबूत क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। 2020 में भाजपा ने इन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन किया था।
कांग्रेस और वाम दलों का फोकस सीमांचल में
कांग्रेस और वामदलों की उम्मीदें सीमांचल क्षेत्र पर टिकी हैं। कटिहार, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्ग के मतदाता अहम भूमिका निभा रहे हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं — 65,000 से अधिक जवान तैनात हैं, सीसीटीवी और ड्रोन से बूथों पर निगरानी की जा रही है। मतदाताओं में खासा उत्साह है और दोपहर तक मतदान प्रतिशत में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
यह चरण सिर्फ 1314 उम्मीदवारों की किस्मत नहीं, बल्कि दलों की साख और नेताओं के भविष्य का फैसला करेगा।

