Latehar News:- झारखंड में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। जिले के समाहरणालय सभागार में सोमवार को झारखंड जनमुक्ति परिषद (जेजेएमपी) से जुड़े नौ उग्रवादियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया। इस दौरान उन्होंने भारी मात्रा में आधुनिक हथियार और जिंदा कारतूस भी प्रशासन को सौंपे।
आत्मसमर्पण करने वालों में संगठन के शीर्ष नेता भी शामिल हैं। इनमें पांच लाख रुपये के इनामी चार उग्रवादी—संगठन का सुप्रीमो रविंद्र यादव, सब जोनल कमांडर अखिलेश यादव, बलदेव गंझु और मुकेश राम, तीन लाख का इनामी पवन उर्फ राम प्रसाद महतो, एरिया कमांडर राजू राम, विजय यादव, श्रवण सिंह और मुकेश गंझु शामिल हैं।
इन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण के दौरान चार एके-47 राइफल, तीन एसएलआर राइफल, 303 बोर की दो राइफल, एक अन्य राइफल, एक सेमी राइफल, एक एके-56 राइफल और कुल 1782 जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे।
कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिरीक्षक साकेत सिंह, अभियान के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) माइकल राज एस, पलामू रेंज के आईजी सुनील भास्कर, पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) नौशाद आलम, सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के डीआईजी मानवेंद्र, और लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव मौजूद थे। सभी अधिकारियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत कर उन्हें मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित किया।
सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने कहा कि यह सुरक्षा बलों और पुलिस के प्रयासों की बड़ी सफलता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब क्षेत्र में सक्रिय शेष उग्रवादियों के पास आत्मसमर्पण के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
वहीं, अभियान आईजी माइकल राज ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि नक्सलियों के लिए यह अंतिम चेतावनी है। यदि वे आत्मसमर्पण कर सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ नहीं उठाते हैं, तो उन्हें पुलिस कार्रवाई में मार गिराया जाएगा। उन्होंने इसे राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।

