पटना
बिहार विधान सभा का आगामी चुनाव विकास बनाम जेल की लड़ाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विकास पुरुष तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास बाबू। दोनों का एजेंडा बिहार का विकास है। लेकिन एक ऐसे भी हैं जिन्हें कानून ने जेल में डाल दिया है। यह बातें भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने शुक्रवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कही। मौके पर उन्होंने स्वर्गीय रघुवंश प्रसाद सिंह को दलीय सीमा से ऊपर बताते हुए कहा कि उनका अंतिम पत्र वेदना से भरा था। उनके बारे में यह कहना कि एक लोटा पानी निकल जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने राजद के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा की यही एक लोटा पानी आगामी चुनाव में राजद के लिए राजनैतिक तर्पण होगा। वार्ता के दौरान उन्होंने बिहार के चौमुखी विकास की बातों को रखते हुए कहा कि राजद की सरकार को विकास से कोई नाता नहीं था । उनके शासनकाल में स्वास्थ्य विभाग का बजट 1000 करोड़ का था जबकि आज यह 10 हजार करोड़ों है। उन्होंने कहा कि लालटेन में न तो तेज है और ना ही प्रताप। संपत्तियों को लेकर राजकुमार और राजकुमारियों में लड़ाई चल रही है। दिल्ली में भाई-बहन के बीच हैं तो बिहार में भाई-भाई के बीच। ऐसे में लोग क्या विकास की बात कहेंगे। संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने एक पखवाड़े के भीतर राज्य को चार किस्तों में अनेक प्रकार की सौगात दी है। अभी और उपहार मिलने वाले हैं । बक्सर में 10 हजार करोड़ की लागत से 1300 मेगावाट बिजली संयंत्र का निर्माण चल रहा है। मिथिलांचल मुख्यालय दरभंगा में एम्स के निर्माण को हरी झंडी मिल गई है। कोसी महासेतु का उद्घाटन हो गया है। कोरोना से निपटने के लिए अस्पताल बनाया। मोदी की सरकार ने बिहार के किसानों ,गरीब महिलाओं और गांव के लोगों के लिए जितना किया उतना आजादी के बाद किसी ने नहीं किया।

