Nawada News: जिले के रजौली थाना क्षेत्र में करोड़ों रुपये की जमीन खरीद-बिक्री से जुड़े एक बड़े धोखाधड़ी मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी और कथित भू-माफिया पंकज सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी पर जमीन मालिकों को डराकर दस्तावेजों पर जबरन हस्ताक्षर कराने, मारपीट करने तथा बाद में झूठा मुकदमा दर्ज कराने का आरोप है।
जानकारी के अनुसार महाराष्ट्र के नागपुर निवासी सुनील काले अपनी पैतृक करीब 9 एकड़ जमीन को बेचने की तैयारी कर रहे थे। बताया जाता है कि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से उन्होंने जमीन बेचने का फैसला लिया था। इसी दौरान नागपुर में पूजा-पाठ कराने वाले रजौली निवासी संतोष पाण्डेय के माध्यम से उनकी मुलाकात पंकज सिंह से कराई गई। दोनों पक्षों के बीच लगभग 5 करोड़ रुपये में जमीन का सौदा तय हुआ था।
पीड़ितों के अनुसार जून माह में सुनील काले, विजय वनवे और संतोष पाण्डेय रजौली पहुंचे थे, जहां उन्हें एक होटल में ठहराया गया। आरोप है कि 21 जून को पंकज सिंह ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर तीनों को डराया-धमकाया और हथियारबंद लोगों का भय दिखाकर मारपीट की। इसके बाद जमीन से संबंधित कागजातों पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए। इतना ही नहीं, उनसे चेक जारी कराने का भी दबाव बनाया गया।
पीड़ितों ने बताया कि अपनी जान को खतरा महसूस होने पर वे रात के समय होटल से निकलकर किसी तरह वहां से भागने में सफल हुए। घटना के बाद पंकज सिंह ने उल्टा रजौली थाने में आवेदन देकर आरोप लगाया कि नागपुर से आए लोग 51 लाख रुपये लेकर फरार हो गए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की। जांच के दौरान 51 लाख रुपये की नकदी, नोट गिनने वाली मशीन अथवा किसी भी प्रकार के धन लेन-देन से संबंधित कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद पुलिस को मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ और विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर सुनील काले के आवेदन पर पंकज सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। रजौली थाना प्रभारी रणजीत कुमार ने बताया कि उपलब्ध तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने जमीन खरीद-बिक्री के नाम पर अन्य लोगों के साथ भी इसी तरह की ठगी या दबाव बनाने की घटनाएं की हैं या नहीं।
इस बीच आरोपी की मेडिकल जांच के दौरान उसके कुछ परिजनों द्वारा हंगामा किए जाने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इस मामले में भी अलग से कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


