Ranchi News:- झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र गुरुवार को अपने अंतिम चरण में पहुंचा, लेकिन सत्र के आखिरी दिन भी राजनीतिक सरगर्मी जारी रही। मांडू से विधायक तिवारी महतो अपनी लंबित मांगों को लेकर सदन के बाहर धरने पर बैठ गए। विधायक महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से चैनपुर और कर्मा को अलग प्रखंड का दर्जा देने और दाड़ी प्रखंड को रामगढ़ जिले में शामिल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि यह मांगें क्षेत्र की जनता की सुविधा और विकास से जुड़ी हैं, लेकिन सरकार लगातार इन्हें नजरअंदाज कर रही है।
महतो ने आरोप लगाया कि उन्होंने यह प्रस्ताव कई बार मुख्यमंत्री और सदन में रखा, लेकिन हर बार अनसुना कर दिया गया। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया तो जनता के बीच असंतोष और बढ़ेगा।
धरने पर बैठे विधायक ने यह भी कहा कि प्रखंड का दर्जा मिलने से न केवल प्रशासनिक कामकाज आसान होगा बल्कि स्थानीय लोगों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ भी मिलेगा। वहीं, दाड़ी प्रखंड को रामगढ़ जिले में शामिल करने से इलाके की भौगोलिक और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक ढांचा मजबूत होगा।
इस दौरान विधानसभा परिसर में मौजूद अन्य विधायकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी तिवारी महतो से मुलाकात की और उनकी मांगों पर समर्थन जताया। हालांकि, सरकार की तरफ से इस पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रखंड और जिला विस्तार से जुड़ी मांगें झारखंड की राजनीति में लंबे समय से उठती रही हैं। कई इलाकों के लोग प्रशासनिक सुगमता और विकास के नाम पर नई इकाइयों के गठन की मांग करते रहे हैं। अब देखना यह होगा कि तिवारी महतो का यह आंदोलन सरकार पर कितना दबाव बना पाता है।

