East Champaran News:- पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया प्रखंड में निगरानी विभाग की टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4000 रुपये रिश्वत लेते हुए महिला पर्यवेक्षिका अंबालिका कुमारी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद प्रखंड मुख्यालय सहित आंगनबाड़ी कर्मियों के बीच हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई मठिया पंचायत के बनकट माफी निवासी जनार्दन प्रसाद के आवेदन के आधार पर की गई। जनार्दन प्रसाद ने निगरानी विभाग को दिए आवेदन में आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी, जो आंगनबाड़ी सेविका हैं, उनसे पोषाहार की राशि 13,500 रुपये पास करने के एवज में 4000 रुपये की अवैध मांग की जा रही थी। रिश्वत नहीं देने पर पोषाहार की राशि पास नहीं की गई, जिससे बच्चों के बीच पोषाहार वितरण में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही थी।
केसरिया प्रखंड में कुल 214 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 114 केंद्रों की देखरेख महिला पर्यवेक्षिका अंबालिका कुमारी के जिम्मे थी। आरोप है कि लंबे समय से कई आंगनबाड़ी केंद्रों से पोषाहार की राशि पास करने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। यह सिलसिला बीते कई महीनों से चल रहा था, लेकिन अब निगरानी विभाग की कार्रवाई में इसका खुलासा हो गया।
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के पुलिस उपाधीक्षक अखिलेश कुमार ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामलों में निगरानी विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है। महिला पर्यवेक्षिका को 4000 रुपये रिश्वत लेते हुए उसके कार्यालय से गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में निगरानी कांड संख्या 111/25 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार की भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति है और इसके तहत किसी भी भ्रष्ट लोक सेवक को बख्शा नहीं जाएगा। आम लोगों से मिल रही शिकायतों का सत्यापन कर कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी केसरिया प्रखंड में भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। पूर्व में यहां पदस्थापित अंचलाधिकारी अखिल कुमार मलिक को भी निगरानी विभाग द्वारा गिरफ्तार किया गया था। एक बार फिर हुई इस कार्रवाई से घूसखोर कर्मचारियों में दहशत का माहौल है और आम लोगों ने निगरानी विभाग की इस कार्रवाई की सराहना की है।

