Khunti News:- कर्रा–कामडारा मुख्य मार्ग के जरियागढ़ थाना क्षेत्र स्थित डेडम टोली नाला के पास बुधवार सुबह एक लकड़बाघा मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। जंगल से सटे इस इलाके में प्रतिदिन आवागमन करने वाले ग्रामीणों ने सड़क किनारे पड़े वन्यजीव को देखकर तत्काल इसकी सूचना समाजसेवी सह पंचायत सहायक हरेंद्र लोहरा को दी।
जानकारी मिलते ही उन्होंने वन विभाग टीम को घटना की सूचना दी। कुछ देर बाद वनरक्षी राकेश कुमार, ओमप्रकाश और अनिल मांझी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और स्थिति का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि लकड़बाघा का शव दो से तीन दिन पुराना है और सड़ांध आने लगी थी। शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान भी मिले, जिससे यह अनुमान लगाया गया कि उसकी मौत किसी तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से हुई होगी।
शव की स्थिति को देखते हुए वन विभाग ने मौके पर ही दफनाने का निर्णय लिया। इसके लिए जेसीबी मशीन मंगवाकर गड्ढा खुदवाया गया और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए वन्यजीव के शव को मिट्टी में समर्पित कर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि खराब हो चुकी स्थिति के कारण शव का पोस्टमार्टम कराना संभव नहीं था।
घटना की सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। वनरक्षा समिति के अध्यक्ष संजीत राम, अमर गुप्ता, इंद्रजीत साहु, रामलखन सिंह, किशोर साहु समेत कई स्थानीय लोग मौजूद थे। ग्रामीणों ने बताया कि जंगल क्षेत्र होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही सामान्य है, लेकिन मुख्य मार्ग पर बढ़ती रफ्तार और रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही के चलते ऐसे हादसे आए दिन होते जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने सड़क पर स्पीड कंट्रोल और वन्यजीव सुरक्षा के उपाय लागू करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।

