Ranchi News:- झारखंड जेएमएम) ने सोमवार को औपचारिक रूप से बिहार विधानसभा चुनाव से खुद को अलग करने की घोषणा कर दी है। इस फैसले के बाद झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व वाली महागठबंधन सरकार पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
राज्य सरकार में मंत्री सुदीव्य सोनू ने प्रेसवार्ता कर कहा कि जेएमएम एक राजनीतिक षड्यंत्र का शिकार हुआ है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने पहले बिहार में छह सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था, लेकिन परिस्थितियों के चलते अब चुनाव से पूरी तरह किनारा कर लिया गया है।
मंत्री सुदीव्य सोनू ने राजद और कांग्रेस दोनों दलों पर राजनीतिक धोखाधड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि “बिहार में हुए कई चुनावों में जेएमएम ने राजद का साथ दिया, वहीं झारखंड में भी गठबंधन को सम्मान देते हुए न केवल सीटें दी गईं बल्कि मंत्रीमंडल में भी प्रतिनिधित्व दिया गया। लेकिन इस बार बिहार में हमें अपमानित किया गया और धोखा दिया गया।”
उन्होंने कहा कि “झारखंडियों और जेएमएम के हितों को देखते हुए गठबंधन की समीक्षा और पुनर्विचार का विकल्प अब खुल गया है।”
सुदीव्य ने कांग्रेस पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “इंडिया गठबंधन का जेएमएम एक मजबूत घटक दल है, इसलिए कांग्रेस की जिम्मेदारी थी कि वह बिहार चुनाव में हमारे लिए बात करती, लेकिन कांग्रेस ने मौन और मूक नीति अपनाई, जो पूरी तरह गलत है।”
उन्होंने 7 अक्टूबर को पटना में तेजस्वी यादव से हुई एक घंटे की मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि “पिछले 13 दिनों में कोई ठोस पहल नहीं की गई। जबकि वीआईपी और अन्य छोटे दलों के साथ गठबंधन पर बातचीत होती रही। बिहार की 28 सीटें ऐसी हैं, जहां जेएमएम का मजबूत वोट बैंक है, जो राजद की जीत में निर्णायक साबित हो सकता था, लेकिन हमें वादे के बावजूद नज़रअंदाज कर दिया गया।”
वाम दलों पर भी निशाना साधते हुए सुदीव्य ने कहा कि “2024 विधानसभा चुनाव में निरसा और सिंदरी सीटों पर जेएमएम की अहम भूमिका रही थी, लेकिन हमारी राजनीतिक हिस्सेदारी को दरकिनार कर दिया गया।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड सरकार के भविष्य पर भी अब गंभीर समीक्षा होगी। “जेएमएम अपने उचित फोरम पर बैठक कर गठबंधन की सेहत पर फैसला लेगा और जो राज्यहित में उचित होगा, वही कदम उठाया जाएगा।”
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही जेएमएम के केंद्रीय महासचिव और प्रवक्ता ने बिहार में छह सीटों पर चुनाव लड़ने का दावा किया था, लेकिन अब पार्टी के मंत्री की इस घोषणा के बाद राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है।

