Chatra News: टंडवा के चर्चित विशुन साव हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आपसी रंजिश में की गई हत्या को उग्रवादी कांड का रूप दिया गया था। मामले में पुलिस ने हत्याकांड में रोहित साव सहित चतरा के बधार निवासी राजू और दीपक को गिरफ्तार किया है। ज्ञात हो कि घटना के बाद पुलिस ने टीपीसी के नक्सलियाें के खिलाफ मामला भी दर्ज कर लिया था।
ज्ञात हो कि लेम्बुआ गांव निवासी भूनेश्वर साहू उर्फ बिसुन साव का नकाबपोश अपराधियों ने अपहरण कर कुछ ही देर बाद हत्या कर दिया मामले में लेम्बुआ गांव निवासी रोहित साव ही मास्टरमाइंड निकला। आपसी रंजिश में रोहित ने ही समाजसेवी बिशुन साव के हत्या की साजिश रची थी। बिशुन साव के पाही स्थित घर से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित धमधमिया जंगल के पहाड़ी पर धड़ से कटा शव को बरामद किया गया था।
घटना को लेकर मिली जानकारी के अनुसार बिशुन के माता-पिता पदमपुर के पाही वाले घर पर रहते थे जहां बिशुन साव हर रोज सुबह-शाम अपने मवेशियों के देखभाल को लेकर जाता था।रविवार की अहले सुबह भी बिशुन साव अपने पाही वाले घर पहुंचा था।जहां पहुंचते ही हथियारबंद नक्सलियों ने उसके घर पर धावा बोल दिया। जिसके बाद नक्सलियों ने उसकी मां शीतली देवी को घर के समीप स्थित पेड़ में बंधक बना दिया। जिसके उपरांत नक्शली बिशुन साव को अपने साथ जंगल की ओर ले गये जहां टंडवा-बालूमाथ सीमांत पर स्थित धमधमिया जंगल में गला रेतकर हत्या की घटना को अंजाम दिया।
पुलिस अधीक्षक विकास पांडेय ने बताया कि यह हत्याकांड पूरी तरह से ब्लाइंड था। अपराधियों ने घटना को अंजाम देने में काफी शातिर ढंग अपनाया था। मोबाइल फोन तक का उपयोग नहीं किया था। उन्होंने बताया कि अपराधियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से नक्सलियों की तरह के कपड़े पहने,ताकि यह भ्रम बना रहे कि घटना को नक्सलियों ने अंजाम दिया है। मृतक के परिजन भी इस घटना को नक्सली घटना ही मान रहे थे। यही कारण था कि दर्ज प्राथमिकी में टीएसपीसी के नक्सलियों को अभियुक्त बनाया गया था। परंतु जांच के उपरांत इसमें नक्सली घटना नहीं पाई गई। कहा कि आपसी रंजिश के परिणामस्वरूप इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त रोहित साव ने स्वीकारोक्ति बयान में बताया है कि मृतक भुनेश्वर साव द्वारा उसके छोटे भाई को पॉक्सो एक्ट के झूठे मुकदमा में फंसाकर जेल भेजवा दिया गया था। इसके अलावे कई अन्य मामलों में उसके परिवार को हमेशा ही परेशान किया जाता रहा। जिससे वह काफी नाराज था। इसी नाराज़गी में उसने हत्याकांड जैसा बड़ा कदम उठाया।
एसपी विकास पांडे के नेतृत्व में गठित स्पेशल एसआईटी की टीम ने एक सप्ताह के भीतर मामले का उद्भेदन किया है। लेंबुआ निवासी विशुन साव को नकाबपोश हथियारबंद लोगों ने अगवा कर जंगल ले जाकर धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी थी। अपराधी उसकी मां को एक पेड़ में बाध दिया था। पूरे घटनाक्रम को नक्सली गतिविधियों का रूप दिया गया था। इसी मामले में एसपी ने स्पेशल एसआईटी टीम का गठन किया था। एसपी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड में रोहित साव के अलावे चतरा के बधार निवासी राजू और दीपक को भी गिरफ्तार किया गया है।
![आपसी रंजिश में की गई थी टंडवा के विशुन साव की ह/त्या] पुलिस ने किया खुलासा, तीन गिरफ्तार, घटना को नक्सली वारदात का रुप दिया था](https://todaypostlive.com/wp-content/uploads/2025/02/be3f8c508fecc3b0d3e9eb7f786b4f29_1413257755.jpg)
