Ranchi News:- झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का बुधवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ अपने पिता के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के दौरान पूरे गांव में शोक और श्रद्धा का माहौल था। इस भावुक क्षण को याद करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मार्मिक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “नेमरा की यह क्रांतिकारी और वीर भूमि, दादाजी की शहादत और बाबा के अथाह संघर्ष की गवाह है। यहां के जंगल, नदियां और पहाड़ क्रांति की हर गूंज से परिचित हैं।”
हेमंत सोरेन ने अपने दादा सोना सोबरन मांझी के बलिदान को भी याद किया और कहा कि इस भूमि ने इतिहास रचा है। उन्होंने नेमरा को वीरता और बलिदान की धरती बताते हुए भावनात्मक रूप से इसे नमन किया।
पोस्ट के अंत में हेमंत ने लिखा, “वीर शहीद सोना सोबरन मांझी अमर रहें और झारखंड राज्य निर्माता वीर दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहें।”
दिशोम गुरु शिबू सोरेन न केवल झारखंड आंदोलन के पुरोधा थे, बल्कि उन्होंने आदिवासी समाज के हक और अधिकारों के लिए लंबा संघर्ष किया। उनके निधन से पूरे झारखंड में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

